ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों में संशोधन के प्रस्ताव से गुस्साए छात्र नेताओं ने शुक्रवार को भी शहर के चार महाविद्यालयों में तालाबंदी कर विरोध जताया। इसके चलते महाविद्यालयों के नियमित कार्य प्रभावित रहे। हालांकि जरूरी विभागीय काम होते रहे। वहीं डीएवी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम सिमल्टी के नेतृत्व में बनी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आगे की रणनीति तय की और मांगें पूरी नहीं होने तक कॉलेजों में तालाबंदी जारी रखने की चेतावनी दी।
डीएवी कॉलेज के सभागार में पत्रकारों से बात करते हुए शुभम सिमल्टी ने आरोप लगाया कि लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों में संशोधन की आड़ में सरकार छात्र नेताओं का राजनीतिक भविष्य समाप्त कराना चाहती है। प्रदेश सरकारों ने कभी भी छात्र संगठनों का सहयोग नहीं किया। इसी के चलते लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों में संशोधन के विरोध में चारों महाविद्यालय के छात्र नेताओं के साथ मिल कर छात्र संघर्ष समिति का गठन किया गया है। सिनल्टी ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं, डीबीएस कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष योगेश घाघट ने कहा कि सरकार का सेमेस्टर सिस्टम पूरी तरह से फेल हो गया है। पत्रकार वार्ता में पूर्व छात्र अध्यक्ष राहुल कुमार, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष सौरभ ममगांई, छात्र नेता विकास नेगी, सोनू बिष्ट, सचिन थपलियाल, हिमांशु नेगी, कपिल शर्मा, संदिप शर्मा, हिमानी भंडारी, शुभम रावत, दिपाली ठाकुर, स्वाती नेगी, हिमांशु चौहान आदि मौजूद रहे।
आज होगी समिति की बैठक
लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों में संशोधन के प्रस्ताव के विरोध में बनी छात्र संघर्ष समिति की सामूहिक बैठक शनिवार को होगी। डीएवी के छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम सिमल्टी के अनुसार बैठक में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के विरोध में जिलाधिकारी का घेराव और आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
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एमकेपी कॉलेज में दो गुटों में हुई झड़प
-घटना में दो छात्राएं हुई चोटिल
देहरादून। लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों में संशोधन के प्रस्ताव के विरोध में कॉलेज बंद कराने के दौरान शुक्रवार को एमकेपी कॉलेज में दो छात्र गुटों में झड़प हो गई। मामला गाली-गलौज के बाद हाथापाई तक पहुंच गया। इसके चलते कॉलेज की दो छात्राएं घायल हो गईं। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों छात्र गुटों को शांत कराया।
लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों में संशोधन के प्रस्ताव के विरोध में शुक्रवार सुबह से शहर के चारों महाविद्यालय में छात्र नेताओं ने तालाबंदी शुरू करा दी थी। इसी दौरान पूर्व छात्र नेत्री स्वाती नेगी दर्जनभर छात्राओं के साथ एमकेपी कॉलेज पहुंच गईं और कॉलेज बंद कराने पर ऐतराज जताया। इसको लेकर दोनों पक्षों में तकरार बढ़ गई और नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। इसमें एनएसयूआई नेता मिताली रावत के हाथ में चोट लग गई। इसके बाद स्वाती नेगी ने प्राचार्य से कॉलेज खुला रखने की मांग की। वहीं कॉलेज परिसर में मौजूद स्वाती नेगी की समर्थक छात्राओं ने प्रशासनिक भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहीं छात्राओें के हाथों से पोस्टर छीन कर फ ाड़ डाले। इसको लेकर दोनों छात्र गुटों में दोबारा हाथापाई हो गई। इस बाबत एमकेपी पीजी कॉलेज की अध्यक्ष दीपाली ठाकुर ने कहा कि विरोध प्रदर्शन लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों में संशोधन के प्रस्ताव को लेकर है, लेकिन कुछ बाहरी छात्राएं शांतिपूर्वक चल रहे विरोध प्रदर्शन में हंगामा कर रही हैं। वहीं पूर्व छात्र नेत्री स्वाती नेगी का कहना है कि कॉलेज बंद कराने की वजह से प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और कॉलेज का माहौल भी खराब हो रहा है।
पढ़ाई और पेपर स्थगित
एमकेपी कॉलेज बंद होने के चलते कॉलेज में पढ़ाई और प्रवेश प्रक्रिया बाधित रही। इस दौरान कई छात्राएं होम साइंस विषय की प्रयोगात्मक परीक्षाएं नहीं दे सकीं, लेकिन दोपहर बाद पुलिस द्वारा कॉलेज खाली कराने के बाद विभागीय काम शुरू हो गया।
मंत्री के पक्ष में आया अखंड भारतीय छात्र संगठन
उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के पक्ष में आ कर अखंड भारतीय छात्र संगठन ने एडीएम के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने मांग की है कि आगामी छात्रसंघ चुनाव लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के माध्यम से ही कराए जाएं। संगठन प्रमुख अश्वनी पांडेय ने कहा कि कुछ छात्र नेता अपनी मनमानी से छात्रसंघ के चुनाव कराना चाहते हैं। इसके चलते छात्र संगठन मिलकर लिंगदोह कमेटी का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से छात्र नेताओं के द्वारा लिंगदोह कमेटी की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस दौरान सागर जोशी, सूरज, नितेश, अश्मित, पूजा चौहान, मानसी आर्या, शिल्पा, शीला, उपासना, कलश, मीनाक्षी, दीक्षा, पूनम, स्वाति, ज्योति, रविकांत जोशी, अज्जू, योगेश, अनिशा, राजववीर रावत, धरमिंदर कुमार, प्रवेश आदि मौजूद रहे।