ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड परिवहन निगम में कार्यरत ऑउटसोर्स कर्मचारियों को 18000 रुपये मासिक वेतन, कार्यशालाओं में विद्यमान पदों की विसंगतियों को दूर करने व मंडलीय डिपो कार्यशाला में कार्यरत ऑउटसोर्स कर्मचारियों के रूप में कार्यरत तकनीकी कर्मचारियों के पद नाम निर्धारित करने समेत विभन्न मांगों को लेकर कर्मचारियाें ने कार्य बहिष्कार कर कार्यशाला गेट पर धरना दिया। कर्मचारियाें ने मांगों का जल्द विचार नहीं करने पर चक्का जाम की चेतावनी दी है।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक डिपो कार्यशाला, आईएसबीटी, बी-डिपो समेत तमाम डिपो के कर्मचारियों ने सोमवार को कार्यशाला गेट पर एकत्र होकर धरना दिया। आंदोलनकारी उत्तराखंड परिवहन निगम की कार्यशालाओं में कार्यरत ऑउटसोर्स, अंशकालिक कर्मचारियों का पद नाम बदलकर दैनिक वेतनभोगी, संविदा अंशकालिक वर्कचार्ज आदि करने की मांग कर रहे थे। इसके अलावा कार्यशाला में कार्यरत ऑउटसोर्स कर्मचारियों को 22 दिन की ड्यूटी के बाद दिए जाने वाले प्रोत्साहन भत्ता वेतन के साथ भुगतान करने, ऑउटसोर्स परिचालकों को भी किलोमीटर भत्ते का भुगतान, विद्यमान पदों की विसंगतियां दूर करने, हर माह सात तारीख को वेतन भुगतान, बसों की संख्या 2000 करने आदि मांगे शामिल हैं। उत्तराखंड रोडवेज इंप्लायज यूनियन के प्रदेश महामंत्री रवि पचौरी ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों के संबंध में प्रबंधन तंत्र को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक प्रबंधन ने कोई निर्णय नहीं लिया है। धरने में प्रांतीय अध्यक्ष रविंद्र भगत, क्षेत्रीय अध्यक्ष रविनंदन कुमार, मंत्री हरि सिंह, अनिल उपाध्याय, योगेंद्र कुमार, सुभाष मलिक, विपिन वालिया, सुदेश शर्मा, रमेश प्रसाद, अमित सैनी, मोहन सिंह रावत, अरविंद कुमार, अशोक कुमार, राकेश तोमर, भैरव सिंह, राजीव गोस्वामी आदि उपस्थित रहे।