ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों को ब्रिज कोर्स/डीएलएड से मुक्त रखने की मांग को लेकर प्रदेशभर के प्राथमिक शिक्षकों ने सोमवार को राजधानी में विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों आरोप लगाया कि सरकार अपनी गलती छुपाने के लिए उन्हें कोर्स करने को बाध्य कर रही है। हालांकि धरने के बाद शिक्षकों ने शिक्षा सचिव से वार्ता की, जिसमें उन्हें सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
प्रदेशभर के प्राथमिक शिक्षक सोमवार को राजधानी पहुंचे और परेड मैदान में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रदेश अध्यक्ष निर्मला महर ने कहा कि तीन सितंबर 2001 के बाद नियुक्त बीएड, सीपीएड, डीपीएड, बीपीएड, मृतक आश्रित व उर्दू शिक्षक के रूप में नियुक्त विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त प्राथमिक शिक्षकों को दोबारा ब्रिज कोर्स/डीएलएड के लिए बाध्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की गलती के कारण पिछले करीब 16 वर्षों से जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों के पाठ्यक्रमों को मान्यता नहीं मिल पाई। अब सरकार अपनी गलती छुपाने के लिए करीब 16600 शिक्षकों को ब्रिज कोर्स/डीएलएड के लिए बाध्य कर रही है। प्रदेश महामंत्री दिग्विजय सिंह चौहान ने कहा कि इस श्रेणी के अधिकांश शिक्षक पदोन्नति प्राप्त कर चुके हैं। वहीं, कुछ अन्य प्रोन्नत वेतनमान प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में यदि शिक्षकों को अप्रशिक्षित माना गया तो भविष्य में वरिष्ठता/वेतन निर्धारण जैसे मामलों में विसंगतियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला करीब आठ महीने से चल रहा है, लेकिन सरकार के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कई दौर की वार्ता में शिक्षा मंत्री समेत सभी उच्चाधिकारी कार्रवाई का आश्वासन दे चुके हैं। इसके बावजूद अभीतक कोई सार्थक समाधान नहीं निकाला जा सका है।
धरने में यह पदाधिकारी हुए शामिल
धरने में प्रदेश पदाधिकारी प्रेम सिंह गुसांई, विनोद कुमार उनियाल, मगनानंद भट्ट, दर्मियान सिंह नेगी, हंसा दत्त भट्ट, जगदेश्वरी भंडारी, बीना भंडारी, लक्ष्मीकांत बड़थ्वाल, आभा गौड़, सुरेश शर्मा, कुसुमलता, वीरेंद्र कठैत, मीना शर्मा, प्रताप सिंह कबडोला, करण सामंत, ईश्वरी दत्त पैन्यूली, परमजीत सिंह सजवाण, शशि श्रीवास्तव, आशा डोभाल, बिजेंद्र लाल विश्वकर्मा, मनीषा शर्मा, रेखा रानी समेत सभी जिलों के अध्यक्ष, महामंत्री, अन्य पदाधिकारी व शिक्षक शामिल हुए।
सचिव से मिले शिक्षक नेता
धरने के बाद शाम को शिक्षक नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल ने सचिव शिक्षा डा. भूपिंदर कौर औलख से मुलाकात की। उन्होंने सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। सचिव ने उन्हें मामले में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मोर्चा ने दिया समर्थन
प्राथमिक शिक्षकों के आंदोलन को कार्मिक, शिक्षक, आउटसोर्स मोर्चा ने भी अपना समर्थन दिया। मोर्चा के मुख्य संयोजक ठाकुर प्रह्लाद सिंह, संयोजक सचिव रवि पचौरी समेत अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि मोर्चा पूरी तरह उनके साथ है। वहीं भाजपा नेता रविंद्र जुगराण ने भी धरने को समर्थन दिया है।
मर्यादा भूले गुरूजी
धरना-प्रदर्शन के दौरान कई गुरूजी मर्यादा भूल गए। कई शिक्षक नेता मंच से अभद्र शब्दों का इस्तेमाल तक करने से नहीं चूके। एक शिक्षक नेता कहा कि अधिकारी अपनी हैसियत न भूलें। अधिकारियों को डंडा और कंबल परेड करके सुधारना होगा। सबसे पहले डिप्टी बीईओ को सबक सिखाएंगे।
अन्य मुद्दे भी उठे
शिक्षकों ने व्हाट्सएप के जरिये निर्देश दिए जाने और सूचनाएं मांगे जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कोई भी शिक्षक स्कूल समय में मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करेगा। व्हाट्सएप का कोई आदेश नहीं माना जाएगा और न सूचना दी जाएगी। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि कोई भी मांग करने पर सबसे पहले ड्रेस कोड का मामला उछाल दिया जाता है।