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उपनल में फिर चलने लगा सेट गिं का खेल!

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) में फिर सेटिंग का खेल चलने लगा है। नेता और अफसर अपने चहेतों को रोक के बावजूद उपनल से विभागों में सेट करने में लगे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के बेटे पीयूष अग्रवाल की आउटसोर्स से भर्ती से पहले भी कई भर्तियां सेटिंगबाजी से हुई हैं। वहीं, सूबे के बेरोजगारों ने मांग की है कि वर्ष 2016 में लगी रोक के बाद से उपनल में हुई भर्तियों की जांच की जाए, ताकि पूरे राज से पर्दा उठ सके। उधर, शनिवार को अमर उजाला में नियम विरुद्ध भर्ती की खबर प्रकाशित होने के बाद उपनल सहित संबंधित विभागों में हड़कंप की स्थिति रही।
वर्ष 2016 में जब शासनादेश जारी हुआ तो उपनल ने खुद दावा किया था कि अब किसी गैर सैन्य पृष्ठभूमि वालों को उपनल के माध्यम से किसी भी सरकारी विभाग में भर्ती नहीं किया जाएगा। इस आदेश के बाद कुछ हद तक रोक भी लगी, लेकिन चोरी-छिपे कुछ नेताओं-अफसरों की सेटिंग का खेल फिर चल निकला। सूत्रों के मुताबिक, कई बड़े नेताओं ने अपने चहेतों को उपनल के माध्यम से भर्ती कराया है। शनिवार को जब अमर उजाला में खबर प्रकाशित हुई तो उपनल सहित संबंधित सभी विभागों में हड़कंप मच गया। उपनल के अधिकारियों ने भर्ती होने वालों से फोन पर संपर्क कर उन्हें कार्यालय बुलाने का भी प्रयास किया।
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केवल पूर्व सैनिकों के बच्चों को रोजगार देने का दावा करने वाले उपनल के आला अधिकारी भी हड़बड़ाए नजर आए। उधर, सूबे के बेरोजगार युवाओं की मांग है कि वर्ष 2016 में रोक लगने के बाद से उपनल का भर्ती से संबंधित पूरा ब्योरा जांचा जाए। उनका आरोप है कि बड़े पैमाने पर शासनादेश की धज्जियां उड़ाते हुए भर्ती की गई हैं। जल संस्थान के अधिकारियों में भी खबर प्रकाशित होने के बाद हड़कंप की स्थिति रही। संस्थान के आला अधिकारियों ने अपने अधीनस्थों को इस मामले को लेकर लताड़ भी लगाई।
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सीएम से मिलने पहुंचे उपनल के एमडी
खबर प्रकाशित होने के बाद शनिवार शाम उपनल के एमडी पीपीएस पाहवा, सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिलने पहुंचे। उन्होंने सीएम के सामने पूरा ब्योरा पेश किया है। पाहवा का कहना है कि भर्तियां उपनल के नियमों के हिसाब से हुई हैं। हालांकि, गैर सैन्य पृष्ठभूमि वालों की भर्ती पर रोक के शासनादेश पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने सेटिंग से भर्ती से भी इनकार किया।
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