ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में चंदरनगर में आयोजित हुई। बैठक में डॉक्टरों ने यात्रा ड्यूटी के दौरान बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध न कराए जाने पर नाराजगी जताते हुए बहिष्कार का निर्णय लिया गया। वहीं छह अप्रैल से प्रदेशभर में डॉक्टर बाजू पर काली पट्टी बांधकर काम करेंगे।
प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान कई डाक्टरों ने यात्रा ड्यूटी के अनुभव साझा किया। कई डॉक्टरों का कहना था कि यात्रा ड्यूटी के दौरान रहने और खाने की उचित व्यवस्था नहीं होती। डॉक्टरों का कहना था कि ड्यूटी के दौरान उन्हें खच्चर चलाने वालों के साथ रहना पड़ा है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. डीपी जोशी ने कहा कि बगैर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए कोई भी डाक्टर 30 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा ड्यूटी नहीं करेगा। बैठक में डीएसीपी की शर्तें हटाए जाने, सेवारत डाक्टरों के लिए आरक्षित पीजी की सीटें बॉड के डाक्टरों को आवंटित न करने, संयुक्त निदेशक स्तर तक के अधिकारियों के तबादलों का अधिकार स्वास्थ्य महानिदेशक को दिए जाने सहित कई लंबित मांगों को उठाया गया। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. आनंद शुक्ला ने कहा कि लंबित मांगों को लेकर संगठन पदाधिकारियों की हाल ही में स्वास्थ्य सचिव नितेश झा से वार्ता हुई थी। उन्होंने मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन मांगों का निस्तारण मुख्यमंत्री के स्तर से ही हो सकता है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रांतीय कार्यकारिणी की अगली बैठक छह अप्रैल को हल्द्वानी में होगी। बैठक में संगठन के सचिव डॉ. दिनेश चौहान, डॉ. उमा शंकर कंडवाल, डॉ. श्याम विजय सिंह, डॉ. चारु बहुगुणा, डॉ. गरिमा पंत, डॉ. अजीत मोहन जौहरी, डॉ. राम प्रकाश, डॉ. आरपी खंडूरी, डॉ. तोहिम कुमार आदि मौजूद रहे।