ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
अवैध री-फिलिंग रोकने को तेल कंपनियों की ओर से लगाई जा रही होलोग्राम लगी टेंपर एविडेंट सील का भी धंधेबाजों ने तोड़ निकाल लिया है। वे आसानी से सील लगे सिलिंडरों से अवैध री-फिलिंग कर रहे है। जिला आपूर्ति अधिकारी की छापेमारी में यह बात सामने आई है। अधिकारी ने तेल कंपनियों को पत्र लिखकर इस सील के बजाए सिलिंडरों में टेंपर प्रूफ सील लगाने की मांग की है।
लोगों के लगातार अवैध री-फिलिंग रोकने की मांग पर तीन माह पहले तेल कंपनियों की ओर से सिलिंडरों में टेंपर एविडेंट सील लगानी शुरू की गई थी। लेकिन धंधेबाजों ने इसका तोड़ निकाल लिया और आसानी से सील को तोड़कर अवैध री-फिलिंग कर रहे है। यह खुलासा विगत शुक्रवार को छापेमारी के दौरान अनुराग गैस एजेंसी के सिलिंडरों में कम गैस पाए जाने से हुआ। जिला आपूर्ति अधिकारी के मुताबिक इन सिलिंडरों पर टेंपर एविडेंट सील लगी हुई थी। इस सील को तोड़कर गैस निकाली गई। जिला आपूर्ति अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि विभाग ने तेल कंपनी को पत्र भेजकर सिलिंडरों पर टेंपर प्रूफ सील लगाने की मांग की है। क्योंकि इसी सील के लगाने से अवैध री-फिलिंग रोकी जा सकती है।
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ऐसे होती अवैध री-फिलिंग
धंधेबाज सिलिंडर में लगी टेंपर एविडेंट सील में पहले पेचकश से छोटा छेद करते हैं, फिर उसे पेचकश से सिलिंडर के ढक्कन में लगे लोहे के तार को थोड़ा पुश करते है, जिसके बाद सील आसानी से ऊपर उठ जाती और उसके बाद सिलिंडर से गैस निकाल ली जाती है। गैस निकालने के बाद सील को ऐसे ही लगा दिया जाता है।
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टेंपर प्रूफ व टेंपर एविडेंट सील में अंतर
टेंपर प्रूफ सील पानी की बोतल पर लगी सील के समान होती है, जो एक बार खुलने के बाद दोबारा नहीं लगाई जा सकती। उपभोक्ता डिलीवरी लेते समय आसानी से पहचान सकते है कि सील तोड़कर गैस निकाली गई है। जबकि टेंपर एविडेंट सील पॉलीमार की बनी होती है, जिसमें पेचकस से आसानी से छेद कर ऊपर निकालकर गैस चोरी की जा सकती हैै।
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