नई टिहरी। थौलधार ब्लॉक में टिहरी बांध से प्रभावित तल्ला उप्पू के ग्रामीणों ने पूर्ण पुनर्वास की मांग को लेकर झील किनारे बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। प्रभावितों का कहना है कि वर्ष 2006 में टिहरी बांध की झील बनने के बाद से ही पुनर्वास की मांग करते रहे हैं, लेकिन टीएचडीसी और सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन किया जाएगा।
तल्ला उप्पू के ग्रामीण वर्ष 2005-06 से पूर्ण विस्थापन की मांग कर रहे हैं, लेकिन कई आश्वासनों के बाद भी अभी तक उनकी समस्या हल नहीं हो पाई है। प्रधान नरेंद्र राणा ने बताया कि बांध की झील भरने से गांव की सिंचित खेती झील में डूब गई, लेकिन अधिकतर बंजर भूमि ग्रामीणों के नाम होने से उन्हें पात्रता सूची में नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि जो भूमि झील में डूब गई है, ग्रामीण उसी भूमि पर आश्रित थे। लेकिन पुनर्वास निदेशालय इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे ग्रामीणों को बेमियादी आंदोलन शुरू करने को मजबूर होना पड़ा है। मांग को लेकर प्रधान सहित जगदंबा रावत, जीत सिंह नेगी, मदन सिंह राणा, जयपाल रावत, महीपाल रावत, सचिन नौटियाल, दिनेश राणा, सोबत सिंह नेगी, विनोद राणा और धर्मानंद नौटियाल आदि ने धरना दिया।