रुद्रप्रयाग। आपदा के बाद ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे के विकल्प के रूप में करोड़ों रुपये के सुधारीकरण के बाद भी खेड़ाखाल-डुंगरीपंथ मोटर मार्ग पर सफर जोखिमभरा बना हुआ है।
वर्ष 1997 में नया जिला बनने के बाद 18 किमी डुंगरीपंथ-खेड़ाखाल मोटर मार्ग का करीब तीन किमी क्षेत्र सुनाऊं बैंड से खेड़ाखाल तक रुद्रप्रयाग में आ गया, जबकि सुनाऊं बैंड से डुंगरीपंथ तक 16 किमी पूर्ववत पौड़ी में है। यह मार्ग पट्टी बच्छणस्यूं और चलणस्यूं के 40 से अधिक गांवों को श्रीनगर व रुद्रप्रयाग से जोड़ता है। आपदा के बाद शासन स्तर पर इस मोटर मार्ग को ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर भूस्खलन जोन सिरोहबगड़ के विकल्प के रूप में विकसित करने के लिए करीब 14 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। मार्ग का चौड़ीकरण, डामरीकरण व हॉटमिक्स तो हुआ, लेकिन जिले के अधीन तीन किमी क्षेत्र को छोड़ दिया गया। ग्राम पंचायत बंगोली के प्रधान गजेंद्र सिंह रौथाण, नवासू के प्रधान भूपति सिंह रौथाण, निषणी के प्रधान बंटी लाल का कहना है कि मार्ग सुधारीकरण के लिए शासन-प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है। लोनिवि के ईई मूलचंद गुप्ता का कहना है कि खेड़ाखाल-डुंगरीपंथ मोटर मार्ग का शुरूआती तीन किमी हिस्सा हमारे पास है। धनाभाव के कारण इस हिस्से का सुधारीकरण नहीं हो पाया है।