अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
जिलाधिकारी दीपक रावत की ओर से पिछले महीने स्टोन क्रशरों पर की गई छापेमारी के दौरान लगाए गए जुर्माने की राशि की वसूली प्रशासन ने सुनवाई का एक मौका देने के बाद शुरूकर दी है। प्रथम चरण में चार करोड़ के रिकवरी वारंट जारी किए गए हैं। शीघ्र ही अन्य क्रशर मालिकों को भी वारंट जारी किए जाएंगे।
जिलाधिकारी दीपक रावत ने पिछले महीने पथरी और लक्सर क्षेत्र के करीब 15 स्टोन क्रशरों पर छापे मारकर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और अवैध खनन पकड़ा था। इस दौरान करीब 15 स्टोन क्रशरों पर 23 करोड़ सें ज्यादा का जुर्माने लगाया गया था। इसके बाद हरिद्वार, लक्सर और भगवानपुर तहसीलों में उनके एसडीएम द्वारा छापेमारी की गई।
जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि एसडीएम के द्वारा मारे गए छापों का भी आंकलन किया गया तो पूरे जुर्माने की राशि करीब 33 करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने बताया कि सभी स्टोन क्रशरों के मालिकों को सुनवाई का एक मौका भी दिया गया, लेकिन वे इस दौरान ऐसा कोई तर्क प्रस्तुत नहीं कर सके कि उनके यहां लगाए गए जुर्माने को किस आधार पर कम किया जा सके। अब जुर्माने की वसूली शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रथम चरण में तीन स्टोन क्रशर मालिकों को चार करोड़ के रिकवरी वारंट जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही अन्य स्टोन क्रशर मालिकों को भी रिकवरी वारंट जारी किए जाएंगे। सभी एसडीएम को उन्होंने अपनी तहसीलों में छापे मार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।