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धान की पौध लेकर धमके कलेक्ट्रेट में ग्रामीण

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नई टिहरी। पांच साल से सिंचाई नहर की मरम्मत नहीं होने से गुस्साए भरपूर गांव के लोग अपनी धान की पौध के साथ कलेक्ट्रेट में आ धमके। यहां धरने पर बैठे ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण से क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत के लिए लोनिवि से मिले आश्वासन के भरोसे काश्तकारों ने धान की पौध तैयार की थी, लेकिन अब रोपाई का सीजन शुरू होने के बाद भी नहरों की मरम्मत नहीं हो पाई है।
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कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम से मिलने आए प्रतापनगर ब्लॉक के ग्राम भरपूर के काश्तकारों ने बताया कि वर्ष 2012 में स्यालगी-डोडग थापला मोटर मार्ग के निर्माण के दौरान सड़क के नीचे की तीन नहरें और पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, लोनिवि ने एक-दो बार मलबा हटाया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं करने से नहर बंद ही पड़ी हुई है। वहां स्थिति यह है कि ग्रामीण स्वयं भी मरम्मत नहीं कर पा रहे हैं, जिससे लोनिवि और सिंचाई विभाग को लगातार अवगत कराते आ रहे हैं, बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने बताया कि विभाग के जल्द स्थायी समाधान निकालने के भरोसे पर काश्तकारों ने कड़ी मेहनत कर धान की पौध तैयार की, अब रोपाई का समय भी आ गया है, लेकिन अभी तक नहर बंद पड़ी हुई है। जिससे एक हजार से अधिक नाली भूमि खाली पड़ी है। कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देते ग्रामीणों ने कहा कि सिंचाई के लिए खेतों तक शीघ्र ही पानी नहीं पहुंचाया गया, तो बेमियादी धरना शुरू किया जाएगा। धरना देने वालों में विजेंद्र सिंह, रामभरोसे, भगवानी देवी, फूल देई, जस्सी देवी, साबा देवी, मग्गु देवी, कल्लू देवी, फूलदेवी, रामदेव, भगत सिंह, शूरवीर सिंह, मुकेश, किताब सिंह, राम सिंह, विशन सिंह, जीना देवी और घुंघरा देवी आदि शामिल थे।
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