नर्सिंग के सिलेबस में बदलाव
-भारतीय उपचर्या परिषद ने दो पाठ्यक्रमों में किया बदलाव लागू
-कम्यूनिटी हेल्थ नर्सिंग का पाठ पढ़ेंगे नर्सिंग के छात्र
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। देशभर में नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे छात्रों के सिलेबस में भारतीय उपचर्या परिषद(आईएनसी) ने बदलाव कर दिया है। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
आईएनसी ने सभी कॉलेज और विश्वविद्यालयों को पत्र भेजा है। आईएनसी के सचिव रथीश नायर के मुताबिक, चार वर्षीय बीएससी नर्सिंग और दो वर्षीय पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग कोर्स में कम्यूनिटी हेल्थ नर्सिंग विषय भी पढ़ाया जाएगा। यह बदलाव मिडिल लेवल हेल्थ प्रोवाइडर (एमएलएचपी) के तहत किया गया है। इसका मकसद नर्सिंग कोर्स करने वालों को कम्यूनिटी हेल्थ सिस्टम के तौर पर मजबूत करना है। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
10 प्रतिशत आरक्षण लागू
नर्सिंग पढ़ाने वाले सभी केंद्रीय संस्थानों में आर्थिक रूप से पिछड़ों को 10 प्रतिशत आरक्षण लागू कर दिया गया है। आईएनसी ने इस संबंध में सभी संस्थानों को पत्र भेज दिया है। इस आरक्षण के हिसाब से ही नर्सिंग संस्थानों में सीट बढ़ोतरी की जाएगी।