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श्रीदेव सुमन विवि की टीम पर अभद्रता और रिश्वत मांगने का आरोप

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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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हिमगिरि महाविद्यालय की अध्यक्ष ने श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय की टीम पर परीक्षा केंद्र की जांच के दौरान दो महिला शिक्षकों और एक अनुसूचित जाति की महिला सफाई कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार, चेकिंग के नाम पर शॉल उतरवाने का आरोप लगाया है। आरोप है कि टीम ने कार्रवाई के नाम पर रिश्वत भी मांगी। अध्यक्ष ने मंगलौर कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस के अनुसार, हिमगिरि महाविद्यालय की अध्यक्ष कुलदीप कौशिक ने मंगलौर कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि आठ जनवरी को बीकॉम और बीएससी की परीक्षा थी। सुबह 9.30 बजे श्रीदेव सुमन विवि कुलसचिव डॉ. दीपक भट्ट एक अन्य सदस्य के साथ परीक्षा केंद्र पर आए। टीम ने सभी छात्राओं की तलाशी ली, लेकिन कुछ नहीं मिला। आरोप है कि टीम ने दोनों कक्षों की शिक्षक अंजू शर्मा और लक्ष्मी के साथ ही अनुसूचित जाति की महिला सफाई कर्मचारी सीता से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। जबरन शॉल उतरवाए और बाहर रखी पाठन सामग्री को उठाकर बीकॉम की एक छात्रा की टेबल पर रखकर फोटो लिया। आरोप है कि सेंटर से मोटी रकम की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत की धमकी दी गई। आरोप है कि संस्थान और सेंटर की संबद्धता रखने के लिए मोटी रकम मांगी। कोतवाली प्रभारी गिरीश चंद्र शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। एसआई लोकपाल सिंह को जांच सौंपी गई है। इसके बाद आगे की करवाई होगी।
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मैं रूटीन चेकिंग पर था। मैं और हमारे असिस्टेंट रजिस्ट्रार भी थे। हम हिमगिरी कॉलेज गए तो देखा कि परीक्षा ग्राउंड फ्लोर के बजाय फर्स्ट फ्लोर पर चल रहा था। वहां भगदड़ मची थी। दोनों कक्षों से दोनों निरीक्षक पर्चियां समेट रहे थे। मैंने रोका और पर्चियां कब्जे में लिए। बच्चों से पूछताछ की तो उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। वहां कक्ष निरीक्षक का मोबाइल पड़ा हुआ था। हमने कक्ष निरीक्षक को कहा कि हस्ताक्षर करो, लेकिन उन्होंने कहा कि प्रबंधन के बिना नहीं करेंगे। सीसीटीवी भी नहीं लगा था। अगर नकल नहीं भी पकड़ी जाती तो सेंटर इसलिए बदल सकते थे, क्योंकि सीसीटीवी नहीं लगे थे। मैंने तत्काल परीक्षा नियंत्रक को फोन कर परीक्षा केंद्र नजदीकी चमनलाल महाविद्यालय में करने के निर्देश दे दिए। इसकी पुलिस से शिकायत का कोई औचित्य नहीं है। सभी आरोप निराधार हैं।
-डॉ. दीपक भट्ट, कुलसचिव, श्रीदेव सुमन विवि
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