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डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, आज शाम से बंद कर देंगे ओपीडी

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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के स्थान पर उत्तराखंड हेल्थकेयर एक्ट लागू कराने की मांग पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की अगुवाई में राज्यभर के डॉक्टरों, नर्सिंगहोम व क्लीनिक संचालकों ने शनिवार से आंदोलन शुरु कर दिया। आंदोलन के पहले चरण के तहत शनिवार को डॉक्टरों व अस्पताल संचालकों ने काली पट्टी बांधकर सेवाएं दीं। दूसरे चरण में रविवार शाम से ओपीडी बंद कर दी जाएगी।
आईएमए के प्रदेश सचिव डॉ. डीडी चौधरी का कहना है कि उत्तराखंड हेल्थकेयर एक्ट लागू कराने के लिए आंदोलन के तीसरे चरण में सोमवार से मरीजों की भर्ती बंद करने के साथ ही अस्पतालों में भर्ती मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। इसके बावजूद यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो मंगलवार से प्रदेशभर के डॉक्टर्स अस्पतालों व क्लीनिक में स्वत: ही तालाबंदी कर देंगे। स्वास्थ्य विभाग व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में पंजीकरण नहीं कराने वाले अस्पताल संचालकाें के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी पर आईएमए पदाधिकारियों ने कहा है कि सरकार व स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। डॉक्टर्स खुद ही अस्पतालों व क्लीनिक में तालाबंदी कर देंगे।
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एक्ट पर सरकार, स्वास्थ्य विभाग व डॉक्टर्स आमने सामने
दूसरी ओर उत्तराखंड हेल्थकेयर एक्ट को लेकर आईएमए व सरकार आमने सामने आ गए हैं। आईएमए की राज्य इकाई के निर्देश पर शनिवार को प्रदेशभर के पदाधिकारियों, डॉक्टरों ने बैठक कर आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की। डॉक्टरों ने साफ तौर पर कहा कि वे सरकार, शासन व स्वास्थ्य विभाग के सामने किसी भी सूरत में झुकने को तैयार नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि वे क्लीनिकल एस्टाब्लिशमेंट एक्ट की जगह उत्तराखंड हेल्थकेयर एक्ट लागू करने को तैयार हैं। बशर्ते की सरकार उनकी मांगों पर भी सकारात्मक विचार विमर्श कर उसे लागू करने की पहल करे।
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स्वास्थ्य सचिव को उत्तराखंड हेल्थकेयर एक्ट का मसौदा सौंपा गया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही मसौदे को तैयार किया गया है। तमाम प्रयासाें के बावजूद मुख्यमंत्री की ओर से वार्ता के लिए समय नहीं दिया गया। ऐसे में आंदोलन शुरू करना पड़ा है। डॉक्टरों की मंशा मरीजों व तीमारदारों को परेशान करने की कतई नहीं हैं। डॉक्टरों को मजबूरी में आंदोलन शुरू करना पड़ रहा है।
-डॉ. डीडी चौधरी, सचिव, उत्तराखंड आईएमए
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