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हिमालयन मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस फीस बढ़ी

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी (एसआरएचयू) के हिमालयन मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस फीस बढ़ गई है। बुधवार को सरकार ने शुल्क मामले पर आए अपीलेंट अथॉरिटी के फैसले पर मुहर लगा दी है। अब राज्य कोटे के छात्रों को दस लाख और ऑल इंडिया मैनेजमेंट कोटे के छात्रों को 15 लाख रुपये सालाना शुल्क देना होगा। हाईकोर्ट में लंबित मामलों को छोड़कर इस साल हुए सभी दाखिलों पर यह शुल्क लागू होगा। द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में सीट पाने वाले छात्रों को भी बढ़ा हुआ शुल्क देना होगा।
जुलाई 2018 में शुल्क निर्धारण समिति की अपीलेंट अथॉरिटी ने यह फैसला सुनाया था कि चूंकि हिमालयन मेडिकल कॉलेज अब एसआरएचयू का हिस्सा है, इसलिए वहां सरकार का शुल्क निर्धारण लागू नहीं किया जा सकता है। अथॉरिटी के फैसले में कहा गया था कि एसआरएचयू की शुल्क निर्धारण समिति ही सभी कोर्स का शुल्क निर्धारित कर सकती है। बृहस्पतिवार से द्वितीय चरण की नीट यूजी काउंसिलिंग शुरू होने जा रही है। लिहाजा एचएनबी मेडिकल विश्वविद्यालय ने शुल्क को लेकर शासन से जवाब मांगा। इसके बाद सरकार ने साफ कर दिया है कि अपीलेंट अथॉरिटी का निर्णय लागू किया जाए। इसके तहत अब हिमालयन मेडिकल कॉलेज में राज्य कोटे की सीट पर दाखिला पाने वाले छात्रों को 10 लाख रुपये और ऑल इंडिया मैनेजमेंट कोटे की सीट पर एडमिशन लेने वालों को 15 लाख रुपये वार्षिक शुल्क देना होगा।
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हिमालयन मेडिकल कॉलेज ने छात्रों की सुविधा के लिए यह शुल्क तीन किश्तों में जमा कराने को कहा है। राज्य कोटे के छात्रों को तीन लाख अभी, तीन लाख नवंबर में और चार लाख मार्च 2019 में देने होंगे। मैनेजमेंट कोटे के छात्रों को पांच लाख अभी, पांच लाख नवंबर में और पांच लाख मार्च 2019 में जमा कराने होंगे। बता दें कि अभी तक कॉलेज में राज्य कोटे की सीट पर दाखिला लेने पर चार लाख और मैनेजमेंट कोटे की सीट पर दाखिला लेने पर पांच लाख रुपये शुल्क लिया जाता था। इस मामले में लंबा विवाद चला। एसआरएचयू ने इस साल शुल्क निर्धारण समिति की अपीलेंट अथॉरिटी का दरवाजा खटखटाया था। इस पर अपीलेंट अथॉरिटी ने यह फैसला सुनाया था।
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15 छात्रों को फिलहाल राहत
बढ़ी हुई फीस इस सत्र में दाखिला लेने वाले सभी छात्रों पर लागू होगी, लेकिन 15 छात्र ऐसे हैं, जो शुल्क के मामले को लेकर हाईकोर्ट चले गए थे। एसआरएचयू के कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने बताया कि इन सभी छात्रों की शुल्क पर फैसला हाईकोर्ट करेगा, जो उन्हें मान्य होगा। उन्होंने बताया कि 48 छात्रों ने पहले चरण में दाखिला लिया था, जिनमें से 33 छात्र पहले से ही बढ़ी हुई फीस जमा करा चुके हैं। अब दूसरे चरण के सीट आवंटन के बाद बाकी छात्रों से भी बढ़ा हुआ शुल्क लिया जाएगा।
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पुराने छात्रों का शुल्क निर्धारण लंबित
कई वर्र्षों से हिमालयन मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्रों का शुल्क निर्धारण अभी लंबित है। दरअसल, इन छात्रों का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। जब हाईकोर्ट का फैसला आएगा तो उसी हिसाब से शुल्क तय होगा।
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एसजीआरआर में पुरान शुल्क ही रहेगा
बढ़ा हुआ शुल्क केवल हिमालयन मेडिकल कॉलेज में लागू होगा। एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने वाले छात्रों से फिलहाल राज्य कोटे का चार लाख और मैनेजमेंट कोटे का पांच लाख रुपये शुल्क ही वसूला जाएगा।
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हम लंबे समय से यह लड़ाई लड़ रहे हैं। हमारा कहना है कि कोई भी विवि अपने एक्ट के हिसाब से ही चलता है। अपीलेंट अथॉरिटी और सरकार ने यही बात मानी है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं कि इस अधिकार का फायदा उठाकर मनमानी की जाए। अगर कोई विवि गड़बड़ करे तो सरकार को उसके खिलाफ कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है।
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-डॉ. विजय धस्माना, कुलपति, स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी
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नीट काउंसिलिंग से पहले हिमालयन मेडिकल कॉलेज के शुल्क का रास्ता साफ हो गया है। अब बढ़ी हुई फीस ही छात्रों को देनी होगी। इसकी सूचना शासन से प्राप्त हो गई है। हम इसकी जानकारी वेबसाइट पर भी जारी कर रहे हैं।
-प्रो. विजय जुयाल, कुलसचिव, एचएनबी मेडिकल विवि
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