ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
प्रदेश में आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी सीटों पर दाखिले के लिए होने वाली काउंसिलिंग में विवाद हो सकता है। एक ओर प्राइवेट कॉलेजों का कहना है कि एक्ट के हिसाब से वह मैनेजमेंट कोटे की 50 प्रतिशत सीटें खुद भरेंगे तो दूसरी ओर आयुर्वेद विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि निर्देशों के तहत सभी सीटों के लिए केंद्रीयकृत काउंसिलिंग होगी।
आयुर्वेद विवि की ओर से जुलाई के पहले सप्ताह में बीएएमएस, बीएचएमएस और बीयूएमएस दाखिलों के लिए काउंसिलिंग कराई जानी है। पहली बार सभी सीटों के लिए ऑनलाइन काउंसिलिंग होगी। काउंसिलिंग से ठीक पहले प्राइवेट आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक कॉलेजों ने साफ किया है कि केवल 50 प्रतिशत राज्य कोटे की सीटों पर ही आयुर्वेद विवि काउंसिलिंग कराएगा। बाकी 50 प्रतिशत मैनेजमेंट कोटे की सीटों के लिए प्राइवेट कॉलेजों की एसोसिएशन खुद काउंसिलिंग कराएगी।
प्राइवेट कॉलेजों की एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अश्वनी कांबोज का कहना है कि प्रदेश में लागू एक्ट के मुताबिक, वह 50 प्रतिशत सीटों पर नीट यूजी स्कोर से दाखिले करेंगे। दूसरी ओर, आयुर्वेद विवि के कुलसचिव डॉ. राजेश अदाना का कहना है कि अभी तक मिले निर्देशों के तहत सभी सरकारी और मैनेजमेंट की सीटों के लिए आयुर्वेद विश्वविद्यालय ही केंद्रीयकृत काउंसिलिंग कराएगा। अब जुलाई के प्रथम सप्ताह तक मामले पर स्थिति साफ होगी।