ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
देशभर के केंद्रीय विद्यालयों में कक्षा एक के पूर्ण ऑनलाइन पंजीकरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। जिन अभिभावकों को ई-मेल से बच्चे का नाम सूची में आने की जानकारी मिली, उनका दाखिला नहीं हो पाया। क्योंकि साइबर कैफे में उनका गलत पंजीकरण हो गया था, जिसके आधार पर ऑनलाइन सूची जारी हो गई थी। केविएस ने ऐसे सभी आवेदनों को मेरिट सूची से बाहर कर दिया। इसके साथ ही ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया रोक दी गई। अब केवल ऑफलाइन प्रक्रिया चल रही है।
इस साल पहली बार केंद्रीय विद्यालयों में पूरी पंजीकरण और प्रमाण-पत्र अपलोड करने की प्रक्रिया ऑनलाइन की गई थी। इस वजह से तमाम अभिभावकों ने साइबर कैफे में पंजीकरण कराया। यहां कैटेगरी के हिसाब से सीटों की प्राथमिकता तय होती है। जिन सामान्य नौकरी पेशा अभिभावकों ने केंद्रीय श्रेणी फीड कर दी, उनका चयन भी हो गया। इसके बावजूद जब दाखिला लेने पहुंचे तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। केविएस को जैसे ही इस गड़बड़ी का पता चला तो सभी केंद्रीय विद्यालयों में श्रेणी की जांच कराई गई। पता चला कि तमाम सामान्य कामकाजी अभिभावकों ने भी गलत तरीके से केंद्रीय कर्मचारी की श्रेणी भर दी थी। वेरिफिकेशन के बाद ऐसे सभी अभिभावकों के बच्चों के नाम मेरिट सूची से हटा दिए गए। इससे अभिभावक परेशान हैं। उनका कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। किसी से फॉर्म भरवाया और अब नंबर आने के बाद नाम हट गया। केंद्रीय विद्यालय संगठन देहरादून के उपायुक्त सोमित श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ अभिभावकों के गलत आवेदन भरने की वजह से यह परेशानी पैदा हुई है। उन्होंने बताया कि ऐसे आवेदन किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं हो सकते थे, इसलिए रिजेक्ट किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब कक्षा एक की रिक्त सीटों के लिए ऑफलाइन पंजीकरण चल रहे हैं। जिन अभिभावकों को जरूरत है, वह फॉर्म भर सकते हैं।