ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून।
तिब्बती मार्केट के पास हर रविवार को लगने वाला संडे मार्केट ‘सांठगांठ’ का मार्केट बन गया है। कहने को नगर निगम संडे मार्केट में 270 दुकानें लगवाता है, लेकिन हकीकत में तस्वीर अलहदा है। यहां 524 दुकानें लगती हैं। जिसके चलते नगर निगम को हर साल 38,88,000 लाख रुपये का नुकसान पहुंचता है।
नगर निगम हर रविवार को तिब्बती मार्केट में 270 दुकानें लगवाता है, जिससे उससे 81 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। वहीं, महीने में यह राजस्व 3,24,000 रुपये हो जाता है। वहीं, वास्तविकता की बात करें तो यहां लगने वाली दुकानों की संख्या करीब 524 है। एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जो भी अवैध दुकानें लगती हैं, उसका पैसा पुलिस और नगर निगम के कर्मचारी वसूलते हैं। बदले में उन्हें किसी तरह की पर्ची भी नहीं दी जाती है।
..................................
फुटपाथों पर भी कब्जा
संडे मार्केट में हालात काफी बदतर हैं। दुकानों के बाहर फुटपाथों पर भी फड़ लगाए जाते हैं। जिसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसा नहीं है कि नगर निगम कर्मी और पुलिस इससे अंजान हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती है।
................................
जाम के चलते होती है परेशानी
संडे मार्केट लगने के चलते अक्सर यहां जाम लगा रहता है। वाहनों को निकलने में काफी परेशानी होती है। इसकी मुख्य वजह फड़ वालों का सड़क तक कब्जा है।
.............................
अभी तक परवान नहीं चढ़ी वेंडिंग जोन योजना
नगर निगम ने पिछले साल नासिवी संस्था से सर्वे कराया था। जिसमें करीब 3500 फड़-ठेली वालों को चिह्नित किया गया था। इन्हें करीब 12 वेंडिंग जोन में शिफ्ट किया जाना था। अप्रैल में यह कार्य होना था। लेकिन, अभी तक यह योजना परवान नहीं चढ़ सकी है।
........................
मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो मामले की जांच कराई जाएगी। सत्यता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अवैध दुकानों को हटाया जाएगा।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त
....................
पुलिस द्वारा वसूली की कोई शिकायत नहीं मिली है। संडे मार्केट में दुकान का लाइसेंस नगर निगम से जारी होता है। अक्सर पुलिस ही अवैध फड़ लगाने वालों को खदेड़ती है।
- प्रदीप राय, एसपी सिटी