ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
तहसील प्रशासन की लापरवाही कालसी विकासखंड के हमरोऊ, जोशीगांव और गोथान गांव के बाशिदों पर भारी पड़ रही है। पासवर्ड लॉक होने से इन गांव के लोगों को तहसील मुख्यालय स्थित ई-डिस्ट्रिक सेवा केंद्र से खतौनी जारी नहीं हो पा रही है। ऐसे में लोगों को खतौनी के आधार पर जारी होने वाले अन्य प्रमाण पत्र भी नहीं मिल पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि लगातार शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुासर समस्या करीब एक माह से बनी हुई है, फिर भी तहसील मुख्यालय हरकत में नहीं आया है। मामला एनआईसी से जुड़ा बता कर अधिकारी पल्ला झाड़ रहे हैं। ग्रामीण श्याम दत्त, गीताराम, रणवीर चौहान, अनिल, चतर सिंह आदि ने बताया खतौनी न मिलने से आय, जाति, हैसियत आदि प्रमाण-पत्र भी जारी नहीं हो रहे हैं। बैंक से संबंधित किसी भी कार्य के लिए प्रबंधन द्वारा कंप्यूटराइज खतौनी मांगी जाती है। इसके अलावा तहसील मुख्यालय से गांवों की दूरी 30-35 किमी है। ऐसे में लोगों के लिए रोजाना तहसील के चक्कर काटना मुमकिन नहीं है। रजिस्ट्रार कानूनगो मुन्ना राम वर्मा ने बताया कि प्रतिवर्ष खतौनी का फसली वर्ष बदला जाता है। इसके चलते अक्सर पासवर्ड लॉक हो जाता है। उक्त मामले में भी यही समस्या आई है। लोगों की सहूलियत के लिए संबंधित राजस्व उपनिरीक्षकों को हस्तलिखित खतौनी जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। कोड खुलवाने के लिए नेशनल इंफारमेशन सेंटर (एनआईसी) को पत्र भेजा गया है।