कोटद्वार। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने प्रदेश में सत्तासीन भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। कहा कि डबल इंजन लगने के बाद भी उत्तराखंड में कहीं विकास की रफ्तार नजर नहीं आ रही है। निजीकरण और उदारीकरण की नीतियों ने गरीब तबके को बहुत नुकसान पहुंचा दिया है। राज्य के उद्योगों में मनमानी के चलते 12 घंटे काम लेकर भी श्रमिकों को केवल पेट भरने लायक ही पारिश्रमिक मिल पा रहा है। केंद्र और राज्य दोनों सरकारों ने चुनाव में किए गए वायदों को धरातल पर नहीं उतारा है। भाबर के मगनपुर में हुई पार्टी की बैठक के बाद पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी कोटद्वार के माध्यम से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का ध्यान ज्वलंत समस्याओं और उनके चुनावी वायदों की ओर दिलाया है। पार्टी के संयोजक जीएस नेगी ने कहा कि सरकारी विभागों में पद रिक्त होने के बावजूद भी बेरोजगार रोजगार के लिए भटक रहे हैं। बड़े उद्योगपतियों पर कोई अंकुश न होने के चलते महंगाई दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। नोटबंदी के बाद सबसे बड़ी परेशानी छोटे कारोबारियों को हुई है। उत्तराखंड की महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे शराबबंदी आंदोलन को समाप्त करने के लिए शराब की दुकानों के अनुज्ञापी शासन का सहयोग ले रहे हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से चुनाव से पूर्व किए विकास के वादों को धरातल पर उतारने की मांग की है। इस मौके पर अमर सिंह नेगी, हरिप्रसाद बिंजोला, केशर सिंह नेगी, कृष्ण सिंह रावत, देवेंद्र सिंह रावत, ज्ञान सिंह नेगी, हरि सिंह रावत, बचन सिंह, उमेश नौटियाल व हरपाल सिंह आदि मौजूद थे।