अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
हरिद्वार- लक्सर मार्ग पर बृहस्पतिवार देर रात दो गुटों में खूनी संघर्ष हुआ। हॅकी, डंडे, सरिये से एक- दूसरे पर हमला किया गया। सरेराह हुए खूनी संघर्ष से अफरा- तफरी मच गई। हमले में कई युवक घायल हो गए। इस संबंध में क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली गई है। घटना बृहस्पतिवार देर रात सतीकुंड के पास घटित हुई। दो युवकों के बीच हुई तू- तू, मैं- मैं ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। सरेराह हुई मारपीट से सड़क पर भगदड़ की स्थिति मच गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी दौड़ी लेकिन तब तक दोनों गुट वहां से निकल गए।
देर रात ही एक गुट के परमेश चंद्र ने अपने मामा प्रभुदयाल, उनके पुत्र राकेश, प्रद्युमन की हत्या के प्रयास के आरोप में भाजयुमो के जिला उपाध्यक्ष अमरदीप चौधरी, उसके भाई बादल चौधरी, अमित कुमार, गौरव चौहान, सिमरनजीत सिंह, संजय त्यागी, अक्षय जाट, सुमित, विवेक सैनी, सोनू राठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इधर, शुक्रवार को दूसरे पक्ष के हेमंत चंचल निवासी बिल्वकेश्वर रोड वाल्मीकि बस्ती ने सौरभ सिंह, सुमित त्यागी, कुलदीप, राकेश कुमार, प्रद्युमन कुमार समेत 30 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। एसओ अनुज सिंह ने बताया कि क्रॉस मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिया धरना
हत्या के प्रयास के आरोप में फंसे जिला भाजयुमो के जिला उपाध्यक्ष अमरदीप चौधरी के पक्ष में उतरे भाजपाइयों ने बृहस्पतिवार को कनखल थाना कैंपस में धरना- प्रदर्शन कर पुलिस महकमे के खिलाफ मोर्चा खोला। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद ही कनखल पुलिस ने उनके पक्ष की ओर से भी मुकदमा दर्ज कर अपना पिंड छुड़ाया। देर रात हुए फसाद में कनखल पुलिस ने भाजयुमो के जिला उपाध्यक्ष अमरदीप चौधरी, गुरुकुल कांगड़ी के तीन पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह, अमित कुमार, गौरव चौहान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। ये सब भाजपा से ही जुड़े हैं।
शुक्रवार सुबह मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलते ही भाजपाइयों ने थाना कैंपस में ही दरी बिछाकर धरना- प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरना- प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे भाजपा नेता देवेंद्र प्रधान, बजरंग दल के नेता अनुज वालिया की एसओ अनुज सिंह से हुई वार्ता के बाद धरना समाप्त किया गया। साथ ही उनकी तरफ से भी दूसरे पक्ष के खिलाफ क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली गई।
अनहोनी होने का अंदेशा
कनखल में दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष होना कोई नई बात नहीं है। भाजयुमो नेता अमरदीप चौधरी के खिलाफ पूर्व में भी केस दर्ज हो चुके है। यहां तक की पुलिस ने उसके खिलाफ गुंडा एक्ट की भी कार्रवाई की थी। ये युवा गुट खुलेआम एक दूसरे को मारने पर आमदा रहते हैं। इस बात से भी इंकार नहीं कर सकते है कि भविष्य में कोई अनहोनी भी हो जाए। क्योंकि, कनखल पुलिस की कार्यशैली बेहद ही लचीली रही है।
दबाव बनाते रहे भाजपाई
हरिद्वार (ब्यूरो)। भाजयुमो नेता के केस में फंसने पर कई भाजपा नेताओं के फोन पुलिस को आते रहे। वे इस बात के लिए दबाव बनाते रहे कि भाजयुमो के जिला उपाध्यक्ष अमरदीप चौधरी के पक्ष के किसी युवक की तरफ से भी क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली जाए। शुक्रवार सुबह तक पुलिस सिफारिशी फोन कॉल्स को अनसुनी कर रही थी पर थाने में धरना- प्रदर्शन होने पर देहरादून तक के नेताओं के फोन आने पर आखिरकार मुकदमा दर्ज करना ही पड़ा।