नकली और अवैध दवाओं का कारोबार थम नहीं रहा है। पिछले एक सप्ताह में 63 मेडिकल स्टोर की जांच की गई है। इसमें 68 दवाएं संदिग्ध पाई गईं। इन दवाओं में खांसी, बुखार, एंटीबायोटिक, शुगर, कोलेस्ट्रॉल, कीड़े मारने की दवा, खाना पचाने वाली दवा, एसिडिटी की दवाओं की जांच होगी।
औषधि विभाग इन दिनों संदिग्ध दवाओं की जांच कर रहा है। शुक्रवार को 68 दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इसमें बच्चों और बड़ों के 10 सिरप, 15 कैप्सूल और गोलियां शामिल हैं। बता दें कि शहर में नकली और अवैध दवाओं का कारोबार थम नहीं रहा है।
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ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र राणा ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में 63 मेडिकल स्टोर की जांच की गई है। इसमें 68 दवाएं संदिग्ध पाई गईं। इन दवाओं में खांसी, बुखार, एंटीबायोटिक, शुगर, कोलेस्ट्रॉल, कीड़े मारने की दवा, खाना पचाने वाली दवा, एसिडिटी की दवाओं की जांच होगी। एक महीने में इसकी रिपोर्ट आ जाएगी।
पिछले दिनों नोएडा सेक्टर 67 स्थित दवा कंपनी मैरियन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड में बने खांसी के डॉक 1 मैक्स कफ सीरप से उज्बेकिस्तान में कथित तौर पर 18 बच्चों की मौत का मामला सामने आया था। इसके बाद फैक्टरी बंद कर दी गई। नोएडा के ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बब्बर ने बताया कि दवा अधोमानक पाई गई थी। दवा में वो केमिकल भी पाए गए जो दवा में नहीं होने चाहिए थे। ऐसे में सीरप बनाने वाली फैक्टरी बंद कर दी गई है।