विजिलेंस के लिए शासन ने दो करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड मंजूर किया है। इस धनराशि में से लोगों को जरूरत पड़ने पर ट्रैप मनी वापस की जा सकेगी। साथ ही बड़ी रिश्वत मांगने वाले सरकारी कर्मचारियों को पकड़वाने के लिए भी लोग आगे आएंगे। मुकदमों का निस्तारण होने के बाद लोगों की ट्रैप मनी को फिर से इस रिवॉल्विंग फंड में जमा किया जा सकेगा।
बता दें कि कोई व्यक्ति किसी भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी को रिश्वत के साथ पकड़वाता है तो उसकी धनराशि कोर्ट में जमा हो जाती है। यह धनराशि तब तक जमा रहती है, जब तक कि मुकदमा निस्तारित न हो जाए। ऐसे में बहुत से लोग पैसा फंसने के कारण भ्रष्ट अधिकारियों को पकड़वाने में पीछे हटते हैं। साथ ही जो अधिकारी-कर्मचारी बड़ी रकम मसलन लाखों में मांगते हैं तो उन्हें ट्रैप कराने में भी लोग आगे नहीं आते।
कई राज्यों में ट्रैप मनी हाथ के हाथ वापस करने की व्यवस्था
बड़ी रकम सालों के लिए फंस जाने के डर से बहुत से बड़े भ्रष्टाचारी पकड़े ही नहीं जाते। देश के बहुत से राज्यों में लोगों को ट्रैप मनी हाथ के हाथ वापस करने की व्यवस्था चल रही थी। इन्हीं की व्यवस्था को देखते हुए विजिलेंस ने भी रिवॉल्विंग फंड की मांग की थी। इस फंड पर पिछले दिनों अपर मुख्य सचिव गृह राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में हुई बैठक में चर्चा हुई थी, जिसे मुख्यमंत्री की मंजूरी के लिए भेजा गया था। अब शासन ने इस दो करोड़ के रिवॉल्विंग फंड को मंजूरी दे दी है। इस फंड के लिए विजिलेंस को राष्ट्रीयकृत बैंक में बचत खाता खोलना होगा।
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जब कोई व्यक्ति किसी अधिकारी को ट्रैप कराएगा और उसे अपने पैसों की जल्द जरूरत है तो उसे इस धनराशि में से रुपये वापस किए जा सकेंगे। इसके बाद एक अनुबंध को न्यायालय में दिखाना होगा। इसके बाद ट्रैप मनी को न्यायालय के आदेश पर इस रिवॉल्विंग फंड में जमा कराया जा सकता है। इस संबंध में शुक्रवार को अपर सचिव वित्त सी रविशंकर की ओर से शासनादेश जारी किया गया है।