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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी से पासआउट 66 आईएफएस अधिकारी

Tue, 30 Apr 2019 09:15 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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पास आउट हुए अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में दो साल का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भारतीय वन सेवा के 64 युवा अधिकारियों ने देश की सेवा का संकल्प लिया। इन अधिकारियों के साथ भूटान शाही सरकार के भी दो अधिकारियों ने अपना प्रशिक्षण पूरा किया। अकादमी की ओर से वन अनुसंधान संस्थान के सभागार में आयोजित दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने अधिकारियों को एसोसिएट डिप्लोमा का प्रमाणपत्र देने के साथ ही पुरस्कार वितरित किए।

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राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि सभी युवा अधिकारी महिलाओं एवं ग्रामीण समुदायों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के साथ ही उनका प्राथमिकता से निराकरण करें। वनों को आजीविका से जोड़ने से प्रयास किए जाएं ताकि रोजगार के अवसरों में वृद्धि की जा सके। तेजी से कम हो रहे जंगलों पर चिंता जताते हुए राज्यपाल ने कहा कि वनों का वैज्ञानिक प्रबंधन करना होगा। प्राकृतिक संसाधनोें के मामलों में भारत दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल है।

देश में 32.84 लाख वर्ग किमी क्षेत्रफल में से 7.6 लाख वर्ग किमी में वन हैं। ऐसे में वनों को बढ़ाने के लिए वानिकी के क्षेत्र में बहुुत कुछ करना होगा। वन सेवा को प्रकृति की सेवा बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत में वनों के वैज्ञानिक प्रबंधन का समृद्ध इतिहास रहा है जो दुनिया में सबसे पुरानी प्रबंधन व्यवस्थाओं में से एक है। 
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उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में लोगों की आजीविका में वनों का विशेष महत्व है। कृषि उत्पादकता में अपेक्षित सुधार करने के लिए जलागम विकास और वर्षा जल संचयन को लेकर व्यापक कार्यक्रम बनाने होंगे।  

समारोह में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के विशेष सचिव सिद्धांत दास ने युवा अधिकारियों से आह्वान करते हुए कहा कि वे वनों व वन्यजीवों के संरक्षण पर खासा ध्यान दें। उन्होंने जैव विविधता संरक्षण पर भी जोर दिया। अपर वन महानिदेशक सैबल दास गुप्ता ने कहा कि युवा अधिकारियोें पर वन क्षेत्रफल बढ़ाने की जिम्मेदारी है। 

दीक्षांत समारोह में अकादमी के निदेशक ओमकार सिंह, बी. बालाजी, आईसीएफआरई के निदेशक डॉ. एससी गैरोला, एसआरआई के निदेशक एएस रावत, भारतीय वन्यजीव संस्थान के निदेशक डॉ. वीबी माथुर, सुशील कुमार अवस्थी समेत भारतीय वन सेवा के कई आला अधिकारी व बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित थे।

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सम्मानित भारतीय वन सेवा के अधिकारी

1- सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षणार्थी अवार्ड    जगताप किरण सुरेश
2- बेस्ट आल राउंड फारेस्टर अवार्ड    विकल्प यादव
3- टापर इन कोर फारेस्ट्री सब्जेक्ट    यदु भारद्वाज
4- पी. श्रीनिवास मेमोरियल पुरस्कार    राहुल कुमार
5- संजय सिंह मेमोरियल पुरस्कार    मगर धनाजी राओसो
6- हिम मेमोरियल पुरस्कार    लाडे दयानंद गजानंद
7- डीसी अग्रवाल पुरस्कार    एम इलियाराज्रा
8- ईपीजी वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट पुरस्कार    जगताप किरण सुरेश
9- आरएन माथुर मेमोरियल पुरस्कार    सूरज सिंह
10- केपी श्रग्रेय श्रेष्ठ वनिक पुरस्कार    मगर धनाजी रोओसो
11- बीएस राव प्राइज फार बेस्ट फॉरेन ट्रेनीज    सपना सुनार
12- नीलगिरि वाइल्ड लाइफ पुरस्कार    अभिषेक जोगावत
13- सुलोचना नायडू मेमोरियल पुरस्कार    डीएन सांई किरन
14- डीएन कुलकर्णी गोल्ड मेडल    सांवरमल स्वामी
15- डॉ. बीएन गांगुली पुरस्कार    जगताप किरण सुरेश
16- केएम तिवारी मेमोरियल पुरस्कार    भुक्य लावण्य
17- सीनियर फारेस्टर पुरस्कार    भुक्य लावण्य
18- ‘द स्पिरिट आफ 1982’ पुरस्कार    लाडे गजानन लावण्य

उत्तराखंड वन विभाग को मिले पांच नए युवा अधिकारी
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में दो साल का प्रशिक्षण पूरे करने के उपरांत वनाें व वन्यजीवों के लिहाज से समृद्ध राज्यों में से एक उत्तराखंड को भारतीय वन सेवा के पांच नए अधिकारी मिले हैं। इन अधिकारियों में आशुतोेष सिंह, दीपक सिंह, कुंदन कुमार, महातिम यादव, व पुनीत तोमर शामिल हैं। जहां तक अन्य राज्यों का सवाल है तो महाराष्ट्र को सबसे अधिक नौ अधिकारी, गुजरात को तीन, राजस्थान को तीन, तमिलनाडु को चार, ओडिशा को छह, झारखंड को छह, कर्नाटक को एक, तेलगांना को दो व बिहार को दो अधिकारी मिले हैं।  
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