भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) स्थित आर्मी कैडेट कॉलेज (एसीसी) की 113 वीं ग्रेजुएशन सेरेमनी में शुक्रवार को 65 कैडेटों को जेएनयू की डिग्री से सम्मानित किया गया। एसीसी में तीन साल की कठिन ट्रेनिंग और पढ़ाई के बाद यह कैडेट आइएमए की मुख्यधारा से जुड़ गए हैं। एक साल की ट्रेनिंग के बाद ये कैडेट्स सेना में बतौर अधिकारी के रूप में शामिल हो जाएंगे।
वर्षों से सेना में अफसर बनने का सपना संजोए कैडेट्स अपनी लगन और मेहनत के बूते मुकाम तक पहुंच गए हैं। अब आइएमए में एक साल अफसर की ट्रेनिंग लेने के बाद यह अगले साल होने वाली पीओपी में अफसर पद की शपथ लेंगे।
आइएमए के कमाडेंट (लेफ्टिनेंट जनरल) एसके झा ने आर्मी कैडेट कॉलेज के इन 65 कैडेट्स को जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी) से स्नातक की उपाधि व अवार्ड दिए। डिग्री पाने वालों में 29 साइंस और 36 कैडेट्स ह्यूमिनिटीज स्ट्रीम के हैं। कॉलेज से पासआउट होने के बाद यह कैडेट आइएमए में एक साल का प्रशिक्षण लेंगे। कमांडेंट ले.ज.एसके झा ने अफसर बनने की राह पर अग्रसर जेंटलमेन कैडेट्स को उच्च्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कैडेट्स को याद दिलाया कि एसीसी ने देश को बड़ी संख्या में ऐसे जांबाज अफसर दिए हैं, जिन्होंने अपनी क्षमता के बलबूते कई पदक जीते। कहा कि उनके सामने कई चुनौतियां होंगी, मगर देश की आन, बान और शान बनाए रखने की जिम्मेदारी अब उनके हाथों में होगी।