ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
श्री कालिका मंदिर के 66वें ध्वजारोहण सम्मेलन के मौके पर आयोजित तीन दिवसीय शक्तिमान सम्मेलन में संतों ने कहा कि परमात्मा, प्रकृति, ईश्वर व माया सभी एक ही हैं। सम्मेलन में बृहस्पतिवार को सबसे पहले मां कात्यायनी की विशेष पूजा अर्चना की गई। साथ ही मां भद्रकाली की आरती की गई।
सम्मेलन में गुजरात से पहुंचे स्वामी सर्विस बापू ने कहा कि शक्ति ही हमारी जीवन शक्ति है। विचार ध्यान से रहस्य प्रकट होता है। यह शक्ति सद्गुरु की कृपा से मिलती है। दिल्ली के हरिओम काका ने कहा कि मानव शरीर के अंदर बुद्धि है, उसका उचित उपयोग करना ही शक्ति संचय करना है। शाम को मंदिर में 108 ब्राह्मणों ने दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। रामानंद मिश्रा महाराज ने कहा संतों से मिलना शक्ति प्राप्त करने का सरल रास्ता है। साधना के लिए संतों का संग उचित फल देने वाला होता है। इस मौके पर संतों ने शक्ति सुधा किताब का विमोचन किया गया। इस अवसर पर गगन सेठी, रमेश साहनी, एलजी भाटिया, उमेश मिनोचा, सतीश कक्कड़, विजय अरोड़ा, चांदना कुंवर, राजेंद्र वर्मा, मोहित बंगा, शुभम मेनी, श्याम अरोड़ा, नीरज जिंदल, महेश डोरा आदि मौजूद रहे।
राम के जीवन से हमें करना चाहिए धैर्य धारण
देहरादून। श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में चैत्र नवरात्र के मौके पर आयोजित श्रीराम कथा में मथुरा के व्यास ललित सारस्वत ने कहा कि भगवान राम के जीवन से हमें धैर्य धारण करना चाहिए। इस दौरान मां भगवती के छठे स्वरूप मां कात्यायनी देवी की पूजा अर्चना की गई। उन्होंने शांत चित्त और और मर्यादाओं का पालन करते हुए असत्य पर सत्य की विजय पाई। दिगंबर दिनेश पुरी ने बताया कि मंदिर में 13 अप्रैल को राम नवमी मनाई जाएगी। इस अवसर पर सोहन लाल गर्ग, विक्की गोयल, इंद्रेश सलूजा, राजेंद्र आनंद, नवीन गुप्ता, अनुराग अग्रवाल, नरेंद्र ठाकुर, दिलीप सैनी, शशिकांत सिंघल आदि मौजूद रहे।