गढ़वाल। सरकारी बैंकों के प्रस्तावित विलय और वेतन संबंधी समझौते में देरी के विरोध में बुधवार को सरकारी बैंकों में हड़ताल रही। दूर-दराज के क्षेत्रों से बैंकों में पहुंचे ग्रामीणों को बैरंग लौटना पड़ा। नई टिहरी में जिला सहकारी बैंक कर्णप्रयाग में नैनीताल बैंक में काम हुआ।
गोपेश्वर में बछेर, मंडल, घिंघराण, निजमूला, पीपलकोटी, जोशीमठ, नंदप्रयाग, घाट, पोखरी क्षेत्रों से बैंक बंद रहे। बैंक में लेन-देन के लिए पहुंचे उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चमोली जिले में बैंकों की हड़ताल से लगभग पांच सौ करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ है।
कर्णप्रयाग में एसबीआई, पीएनबी, ओवरसीज सहित अन्य बैंकों में हड़ताल के कारण काम नहीं हुआ, जबकि द नैनीताल बैंक सहित अन्य ग्रामीण बैंकों में कामकाज हुआ। नैनीताल बैंक कर्मियों ने विलयीकरण नीति का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे बैंक कर्मियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।
टिहरी जिले में 102 बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जिला सहकारी बैंक को छोड़कर अन्य बैंकों में काम नहीं हुआ। जिला मुख्यालय नई टिहरी और बौराड़ी के अधिकांश बैंकों के एटीएम में कैश न होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लीड बैंक अधिकारी का कहना है कि बैंक शाखाओं में हड़ताल होने के चलते टिहरी जिले में दो से लेकर ढाई करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
श्रीनगर में भी सभी राष्ट्रीयकृत बैंक बंद रहे। उपभोक्ता दिनेश चंद्र ने बताया कि भवन निर्माण कार्य के लिए बैंक से धनराशि निकालनी थी लेनिक बुधवार सुबह जब बैंक पहुंचे तो बैंक बंद मिला।