कालाबाजारी पर कार्रवाई के दावे हवाई
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। रसोई गैस की कालाबाजारी पर आपूर्ति विभाग कार्रवाई का दावा तो करता है लेकिन इस संबंध में विभाग के पास कोई विवरण नहीं है। ऐसे ही कॉमर्शियल के स्थान पर घरेलू गैस का इस्तेमाल करने वाले व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के मामले में हुआ। जिसमें ऐसे व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का सर्वे कर सूची तैयार करने का दावा किया है। नाम सार्वजनिक करने से साफ इंकार कर रहा है। इससे साफ है न विभाग ने कोई सर्वे किया और न ही किसी को नोटिस भेजा। जिससे सारे दावे हवाई साबित हो रहे हैं।
दून में बडे़ स्तर पर रसोई गैस की कालाबाजारी हो रही है। इसकी पुष्टि व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर कॉमर्शियल के स्थान पर घरेलू गैस इस्तेमाल हो से हो रही है। इस संबंध में लोग अधिकारियों को शिकायतें तो करते हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। लोगों का कहना है कि दिखाने के लिए बाहर एक कॉमर्शियल सिलिंडर रख दिया जाता है और अंदर घरेलू सिलिंडर का इस्तेमाल होता है। इस गोलमाल पर उठ रहे सवालों के बाद आपूर्ति विभाग ने गैस एजेंसियों की मदद से ऐसे प्रतिष्ठानों की सूची तैयार करने के लिए सर्वे करने का दावा किया जहां ये काम हो रहा है। अब अधिकारी दावा कर रहे हैं कि ऐसे प्रतिष्ठानों को चिह्नित कर उन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है। ऐसे में ये सवाल उठता है कि वे प्रतिष्ठान कौन से हैं जहां घरेलू गैस इस्तेमाल होती है? बड़ा सवाल ये भी है कि इन प्रतिष्ठानों को घरेलू गैस सिलिंडर मिल कहां से रहे हैं?
इन सवालों के जवाब न अधिकारियों के पास है और न ही गैस एजेंसी संचालक इस मामले में मुंह खोलने के लिए तैयार हैं। असल में विभाग ने कोई सर्वे किया ही नहीं। इसलिए अधिकारी प्रतिष्ठानों के नाम सार्वजनिक करने से इंकार कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर उठ सवालों पर खानापूर्ति के लिए सर्वे का शिगूफा छोड़ा गया ताकि शिकायत करने वाले लोगों को लगे कि विभागीय अधिकारी सक्रिय हैं। जबकि आज भी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस इस्तेमाल हो रही है।
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जिन प्रतिष्ठानों की सूची तैयार की गई है। उनका नाम सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। ऐसे लोगों को नोटिस भेजा जा रहा है।
- विपिन कुमार, अधिकारी, जिला आपूर्ति