जेनेरिक दवाओं पर स्पष्ट नीति बनाए सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) उत्तराखंड और सिनर्जी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की ओर से आयोजित 17वें तीन दिवसीय वार्षिक सम्मेलन ‘उत्तराकॉन- 2018’ का शुभारंभ शुक्रवार को स्थानीय होटल में किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि बदलती जीवनशैली में बीमारियां बढ़ रही हैं। ऐसे मेें यदि संतुलित जीवन शैली से ही बीमारियों से बचा जा सकता है।
वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि बीमारियों से ग्रसित होने पर ही एहसास होता है कि यदि जीवन संतुलित होता तो चीजें बेहतर होती। योग, ध्यान व प्राणायाम से स्वस्थ और तनावमुक्त जीवन जिया जा सकता है। विशिष्ट अतिथि हिमालयन ड्रग के चेयरमैन डॉ. एस फारुखी ने कहा कि प्रकृति ने हमें हर बीमारियों की दवा उपहार के तौर पर दी है। जिसका अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए।
आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. कृष्ण अवतार ने कहा कि इस बार के सम्मेलन की थीम ‘केयरिंग फार यू बाय योर डॉक्टर्स’ रखी गई है। आमजन को बीमारियोें से बचाया जा सके, इसके लिए बीमारियों के प्रति जागरुकता पर भी फोकस किया गया है। आयोजन सचिव डॉ. तरुण मित्तल ने तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी।
सेमिनार के दौरान डॉक्टरों ने इस बात पर जोर दिया कि जेनेरिक दवाओं को लेकर सरकार स्पष्ट नीति बनाए ताकि मरीजों को सस्ती दवाइयां मुहैया करायी जा सकें। सम्मेलन में डॉक्टरों के बीच इस पर भी मंथन किया गया कि राज्य के पर्वतीय इलाकों के दूरदराज इलाकों में कैसे इलाज की बेहतर सुविधाएं मुहैया हों।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि प्रकाश पंत, आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. कृष्ण अवतार, आइएमए दून शाखा की अध्यक्ष डॉ. सुमन सेठी, सचिव डॉ. आईएमए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. डीडी चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. बीएस जज, डॉ. कमलकांत गर्ग, डॉ. एके सिंह. डॉ. आरके जैन ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सम्मेलन में डॉ. चरितेश गुप्ता, डॉ. सुधीर कुमार सिंह, डॉ. अरविंद कुमार सिंह, डॉ. केजेएस सब्बरवाल, डॉ. पीके अग्रवाल, डॉ. महेश अग्रवाल, डॉ. गौरव लूथरा, डॉ. सुधांशु कालरा, डॉ. मयंक जैन, डॉ. मनीष जैन, डॉ. आलोक सेमवाल, डॉ. हरीश कोहली, डॉ. सीमा अवतार, डॉ. राकेश मित्तल, डॉ. आलोक आहुजा, डॉ. अश्विन गर्ग समेत कई विशेषज्ञ उपस्थित थे।
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शिविर में मरीजों ने कराई जांच
उत्तराकॉन-2018 के दौरान विशेष चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों मरीजों ने जांच कराई। कैंसर, आर्थोपेडिक्स, मेडिसिन, सर्जरी, नेत्ररोग, त्वचा रोग, ईएनटी समेत कई विशेषज्ञों ने मरीजों की जांच की। इस दौरान मरीजों को बीमारियों से बचाव व इलाज की भी जानकारी दी गई।
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प्राथमिक उपचार के बारे में दी जानकारी
‘उत्तराकॉन- 2018’ के दौरान सिनर्जी अस्पताल के क्रिटिकल केयर विभाग के विभागाध्यक्ष व एनेस्थेशिया विशेषज्ञ डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने प्राथमिक उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हृदयाघात होने की स्थिति में किस तरह प्राकृतिक तरीके से सांस देकर व छाती को दबाकर मरीज की जिंदगी को बचाया जा सकता है।