काश हमारी भी होती नेता चुनने में भागीदारी
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
पढ़ाई और नौकरी समेत अन्य कारणों के चलते दून के काफी युवा मतदान से वंचित रहे। ऐसे युवा पढ़ाई, नौकरी या अन्य कारणों से कुछ समय पहले ही दून आए थे। इसके बाद उन्होंने स्थानीय वोटर लिस्ट में अपना नाम नहीं जुड़वाया।
निकाय चुनाव में अपनी पसंद का नेता नहीं चुन पाने की कसक युवाओं के शब्दों में झलकी। युवाओं का कहना था कि वे भी लोकतंत्र के इस महा उत्सव में अपनी भागीदारी करना चाहते थे, लेकिन नाम नहीं होने से मतदान नहीं कर सके। ऐसे में बड़ी संख्या में युवाओं ने अपना दिन फिल्म देखने, घूमने और मस्ती करने में गुजारा। शहर के विभिन्न मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों में युवाओं की खासी भीड़ रही। शहर के अलग-अलग पार्कों व पर्यटन स्थलों पर भी युवाओं की खूब भीड़ रही। पलटन बाजार में रविवार सुबह से ही युवाओं की काफी भीड़ रही। गढ़वाल और कुमाऊं के अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी छात्र-छात्राओं में सीमा जोशी, सुमित धीमान, संजय सिलस्वाल, विनोद मेहता, अंकित रावत व सुनीता मिश्रा ने कहा कि केवल एक दिन की छुट्टी होने के कारण वे वोट देने अपने गांव नहीं जा सकते थे। ऐसे में उन्होंने रविवार को छुट्टी मनाई। वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने वोट डालने के बाद परिवार के साथ घूमने, फिल्म देखने और मस्ती करने का आनंद लिया।