ब्यूरो/अमर उजाला, मंगलौर
लिब्बरहेड़ी शुगर मिल का पेराई सत्र विधिविधान से बुधवार से शुरू हो गया। लिब्बरहेड़ी गन्ना विकास परिषद के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक आशीष नेगी ने फीता काटकर पेराई सत्र की शुरुआत की। इससे किसानों ने राहत की सांस ली।
जिले में तीन शुगर लिब्बरहेड़ी, लक्सर और इकबालपुर है। लिब्बरहेड़ी शुगर मिल ने बुधवार को पेराई सत्र शुरू किया, जिसमें सबसे पहले पंडित विनोद ने पूजा-अर्चना की। इसके बाद बैलों की जोड़ी का पूजन किया गया। सत्यवीर सिंह ने पहला गन्ना लगाया। फिर प्रसाद का भी वितरण किया गया। लिब्बरहेड़ी शुगर मिल के पेराई सत्र की शुरुआत हो जाने से किसानों ने राहत की सांस ली है। बताते चलें कि किसान गन्ना बेचने के बाद गेहूं की बुआई करते हैं। वैसे भी इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में पेराई सत्र देर से शुरू हो रहा है। पिछले वर्ष लिब्बरहेड़ी शुगर मिल ने 28 अक्तूबर को पेराई सत्र शुरू कर दिया था। पेराई सत्र की शुरुआत हो जाने के बाद अब किसानों को गेहूं की बुआई समय से होने की आस जगी है। यदि जिले के अन्य दोनों शुगर मिलों के पेराई सत्र शुरू होने की बात करें, तो लक्सर शुगर मिल जहां जल्द ही पेराई सत्र की तैयारी में है। वहीं, इकबालपुर शुगर मिल के पेराई सत्र को लेकर असमंजस की स्थिति बरकरार है। लिब्बरहेड़ी शुगर मिल में पेराई सत्र के शुभारंभ के मौके पर सहायक गन्ना आयुक्त शैलेंद्र सिंह, चेयरमैन अशोक कुमार, जनक सिंह, सत्यपाल, देवेंद्र, विपिन, बाबूराम, अनिल सिंह, एसके गोयल आदि मौजूद रहे।
लक्सर को 79, लिब्बरहेड़ी को 71 और इकबालपुर को 55 तौल केंद्र आवंटित
रुड़की। देहात क्षेत्रों में शुगर मिलों द्वारा गन्ना तौल केंद्र स्थापित किए जाते है। ताकि दूरदराज के ग्रामीण किसानों को गन्ना डालने के लिए नजदीक रहे। इसके बाद तौल केंद्रों से शुगर मिल के ठेकेदारों ने गन्ना शुगर मिल पहुंचाया जाता है। इसके लिए किसानों से कुछ किराया भी भुगतान से काटा जाता है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में किसी शुगर मिल के कितने तौल क्रय केंद्र लगेंगे। यह विभाग तय करता है। गन्ना आयुक्त ललित मोहन रयाल ने सहायक गन्ना आयुक्त व शुगर मिलों के जीएम को आदेश जारी किए हैं कि लक्सर को 79, लिब्बरहेड़ी को 71 और इकबालपुर को 55 तौल केंद्र दिए जाते है। यदि इस पेराई सत्र की बात करें तो लिब्बरहेड़ी शुगर मिल ने बुधवार को पेराई सत्र की शुरुआत कर दी गई है। वहीं, लक्सर और इकबालपुर के पेराई सत्र को लेकर अभी कोई स्थिति स्पष्ट नहीं है। एक ओर जहां लक्सर के जल्द ही चलने की उम्मीद है। वहीं दूसरी ओर इकबालपुर शुगर मिल पर किसानों का धरना चलने के कारण अभी मरम्मत कार्य होना है। मरम्मत का कार्य होने के बाद ही पेराई सत्र शुरू हो पाएगा।