ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
देश की शिक्षा नीति को व्यवहारिक तौर पर बदलने की जरूरत है। आज हमारे छात्र डिग्री लेकर भी बेरोजगार घूमते हैं, जनता के टैक्स से चलने वाले विश्वविद्यालय में भारत विभाजन के नारे लगते हैं तो कहीं न कहीं यह हमारी शिक्षा नीति की कमी है। ये बातें दो दिवसीय ज्ञानकुंभ के समापन समारोह में पतंजलि योगपीठ पहुंचे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहीं। इस दौरान उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए कई सूत्र दिए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें अपने शिक्षकों को लगातार अपडेट करने की जरूरत है। इसके लिए हर छह माह में कोई रिफ्रेशर कोर्स संचालित होना चाहिए। न केवल विवि बल्कि महाविद्यालयों के शिक्षकों का भी नियत प्रशिक्षण होना चाहिए। योगी ने कहा कि गांव-गांव तक किसानों को सोइल हेल्थ समझाने के लिए जरूरी है कि उस परिधि के महाविद्यालय की लैब को अपडेट किया जाए। वहां के छात्रों को रोजगार मिलेगा तो किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता बनाने की जानकारी मिलेगी। योगी आदित्यनाथ ने उच्च शिक्षा में परिवर्तन के तहत सभी विवि में समान पाठ्यक्रम, पाठ्यक्रमों में सामाजिक, भौगोलिक जरूरतों का ख्याल रखने की बात कही। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार यूपी के सभी पॉलिटेक्निक को उद्योगों से जोड़ा गया है, वैसे ही कौशल विकास में सभी राज्यों को पहल करने की जरूरत है।
हमारे ज्ञान पर लग गई किसी और की मुहर
सीएम योगी आदित्यनाथ इस बात पर चिंतित नजर आए कि जो ज्ञान हमारे पूर्वजों ने दिया था, उस पर किसी दूसरे की मुहर लग गई। दुनिया को शून्य और दशमलव देने वाले भारत के गणितज्ञ आर्यभट्ट ने ही त्रिभुज का क्षेत्रफल निकालने का सूत्र दिया, लेकिन बाद में इसे पाइथागोरस के नाम से जाना गया। इसी प्रकार, आचार्य भास्कराचार्य ने हमें गति के नियम से परिचित कराया, लेकिन इसे न्यूटन का नियम बताया गया। उन्होंने इस पर चिंता जाहिर की। सीएम ने कहा कि वेद-पुराणों पर ही पूरी दुनिया का विज्ञान टिका हुआ है।
15 दिसंबर के बाद गंगा हो जाएगी साफ
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने एक तिथि तय की है, जिसके बाद मां गंगा साफ हो जाएगी। 15 दिसंबर के बाद यूपी के क्षेत्र में गंगा में एक भी नाला नहीं गिरेगा। इसके लिए बड़े पैमाने पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट या अन्य तकनीकी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रयागराज पर बोले, नाम की महत्ता है
इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नाम की ही महत्ता है। अगर इसकी महत्ता न होती तो कोई अपना नाम रावण क्यों नहीं रख लेता।