आदमखोर गुलदार को मारने के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
कुमाऊं के बागेश्वर जिले में आमजन के साथ वन विभाग के लिए मुसीबत का सबब बने आदमखोर गुलदार को मारने केआदेश जारी कर दिए गए हैं। वन संरक्षक की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर विचार विमर्श करने के बाद मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने आदेश जारी किए हैं। हालांकि उन्होंने मारने से पहले गुलदार को पकड़ने का पूरा प्रयास करने के भी निर्देश दिए हैं।
वन विभाग के अफसरों के मुताबिक बागेश्वर जिले में इन दिनों आदमखोर गुलदार का जबरदस्त आतंक है। आदमखोर गुलदार ग्रामीणों के साथ कई मवेशियों को निवाला बना चुका है। गुलदार के खौफ से ग्रामीण दिन में भी जंगल की ओर जाने से डरते हैं। ऐसे में ग्रामीण आदमखोर गुलदार को मारने के लिए लगातार मांग उठा रहे थे। इस बाबत उत्तरी कुमाऊं वृत्त के वन संरक्षक ने आदमखोर गुलदार को मारने की अनुमति शासन व मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक से मांगी थी। लेकिन वन विभाग में स्थाई मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक की नियुक्ति नहीं होने की वजह से अनुमति नहीं मिल पा रही थी। बीते दिनों शासन ने पीसीसीएफ मोनिष मल्लिक को नए मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक का जिम्मा सौंपा है। मल्लिक ने पदभार संभालने के साथ ही आदमखोर गुलदार को मारने के आदेश जारी कर दिए। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक मल्लिक ने बताया कि अफसरों को निर्देशित किया है कि पहले वह आदमखोर गुलदार को ट्रैंकुलाइज कर पकड़ने का प्रयास करें। सारे प्रयास विफल होने के बाद ही गुलदार को मारा जाए।