जोशीमठ। जेलम गदेरे में बादल फटने से चीन सीमा क्षेत्र को यातायात से जोड़ने वाला जोशीमठ-मलारी हाईवे करीब डेढ़ सौ मीटर तक बह गया है। इससे चीन सीमा क्षेत्र में सेना और आईटीबीपी के वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई है। तमक नाले में मलबा भर जाने से यहां मोटर पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। सीमावर्ती गांवों को जोड़ने वाला यह एकमात्र मोटर मार्ग है। शुक्रवार को हाईवे बंद होने से ग्रामीण मीलों दूरी पैदल नापकर अपने गंतव्य तक पहुंचे।
शुक्रवार को सुबह साढ़े तीन बजे जेलम गदेरे के शीर्ष भाग में बादल फटने से मलारी हाईवे करीब डेढ़ सौ मीटर तक बह गया है, जबकि हिल साइड में टनों मलबा पसरा हुआ है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने हाईवे को सुचारु करने का काम शुरू कर दिया है। हाईवे के बाधित होने से सीमावर्ती गांव नीती, मलारी, बांपा, कैलाशपुर, महरगांव, फरकिया में दैनिक उपयोग की वस्तुओं की सप्लाई भी ठप हो गई है। जोशीमठ के उप जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने हाईवे का निरीक्षण कर बीआरओ के अधिकारियों को शीघ्र हाईवे सुचारु करने के निर्देश दिए हैं।
इधर, बीआरओ के कमांडर एसएस मक्कर का कहना है कि मलारी हाईवे पर हिल कटिंग कर नई सड़क का निर्माण कर वाहनों की आवाजाही सुचारु करवाई जाएगी। उन्होंने सोमवार तक हाईवे के सुचारु होने का दावा किया है।