ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
नए सत्र के दाखिलों के साथ ही रैगिंग रोकने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने चार पोस्टर जारी किए हैं। ये पोस्टर सभी विश्वविद्यालयों के अलावा कॉलेजों में हॉस्टल और मेस में लगाने होंगे। यूजीसी ने पहली बार इन पोस्टरों पर रैगिंग से होने वाले नुकसान को जॉब और करियर से जोड़कर पेश किया है।
रैगिंग के बाद होने वाले नुकसान से छात्र का भविष्य चौपट हो सकता है। रैगिंग करने वाले छात्र को जेल जाना पड़ सकता है। पढ़ाई पर पाबंदी लग सकती है। यूजीसी ने ऐसे तमाम नुकसान पर फोकस चार पोस्टर जारी किए हैं। ये पोस्टर सभी विश्वविद्यालयों को भेजे गए हैं। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि हर उस जगह पर इन पोस्टर को लगवाएं, जहां छात्रों की भीड़ इकट्ठा होती है। मसलन हॉस्टल, मेस, कैंटीन और अकादमिक ब्लॉक आदि। यूजीसी के मुताबिक विश्वविद्यालयों के अलावा उनके संबद्ध कॉलेजों को भी ये पोस्टर लगाने होंगे। वर्ष 2009 में आए उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत यूजीसी ने ये पोस्टर जारी किए हैं। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. उदय सिंह रावत का कहना है कि यूजीसी के निर्देशानुसार सभी कॉलेजों को पोस्टर भेजे जा रहे हैं। यूजीसी की वेबसाइट पर भी पोस्टर उपलब्ध हैं। कॉलेज वहां से डाउनलोड कर प्रिंट निकालकर लगा सकते हैं।