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टैक्सी संचालकों की हड़ताल से यात्रियों की फजीहत

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टैक्सी संचालकों की हड़ताल से यात्रियों की फजीहत
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। गाड़ियों में स्पीड गवर्नर लगाने व राज्य के गाड़ी संचालकों के लिए ग्रीन कार्ड की अनिवार्यता समाप्त करने जैसी कई मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे 40000 से अधिक टैक्सी संचालकों ने हड़ताल समाप्त कर दी है। हालांकि टैक्सी चालकों के दिन भर हड़ताल पर रहने से चार धाम यात्रा के तीर्थयात्रियों के साथ ही आमजन को परेशानियों से दो-चार होना पड़ा। देर शाम देहरादून आरटीओ व टैक्सी यूनियनों के प्रतिनिधियों के बीच तमाम मुद्दों पर सहमति बन जाने के बाद संचालकों ने हड़ताल समाप्त करने का एलान कर दिया।
उल्लेखनीय है कि परिवहन विभाग की ओर से पुरानी गाड़ियों में स्पीड गवर्नर लगाने की अनिवार्यता समाप्त करने, बीमे की राशि को कम करने व ग्रीन कार्ड की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर हड़ताल कर दी थी। राज्य भर में तमाम यूनियनाें से जुड़े 40000 से अधिक टैक्सी संचालक हड़ताल पर चले गए थे जिसके चलते चारधाम यात्रा व्यवस्था चरमरा गई थी। स्थिति यह बन गई कि टैक्सी संचालकों की हड़ताल से हरिद्वार, देहरादून, ऋषिकेश, हल्द्वानी समेत राज्य के विभिन्न शहरों में हजारों तीर्थयात्री जहां तहां फंस गए। गाड़ियां नही मिल पाने की वजह से तमाम तीर्थयात्रियों को अपनी यात्रा तक स्थगित करनी पड़ी। हड़ताल का असर दूसरे दिन भी रहा। हरिद्वार, ऋषिकेश व देहरादून समेत राज्य के विभिन्न इलाकों में चालक हड़ताल पर रहे।
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परिवहन आयुक्त के निर्देश पर देहरादून आरटीओ सुधांशु गर्ग ने तमाम यूनियनों के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया। डेढ़ घंटे की समझौता वार्ता के बाद सहमति बनने के बाद टैक्सी संचालकों ने हड़ताल का एलान कर दिया। आरटीओ सुधांशु गर्ग ने बताया कि समझौता वार्ता के दौरान स्पीड गवर्नर को लेकर सहमति बनी कि इस संबंध में कमेटी का गठन किया गया है जो एक माह के भीतर रिपोर्ट देगी, फिलहाल तब तक स्पीड गवर्नर की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। बीमा राशि को लेकर निर्णय लिया गया कि इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र भेजा जाएगा। राज्य के गाड़ी चालकों के लिए ग्रीन कार्ड के संबंध में सहमति बनी कि यह प्रकरण एसटीए की बैठक में लाया जाएगा। इसके साथ ही फिटनेस पेनाल्टी के प्रकरण को सरकार को भेजा जाएगा। अन्य राज्यों से आने वाली गाड़ियों को ऋषिकेश में रोके जाने पर सहमति बनी कि इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। समझौता वार्ता में दून टैक्सी यूनियन, मैक्सी कैब समिति, दून गढ़वाल जीप समिति समेत कई यूनियनों के पदाधिकारी शामिल थे।
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मसूरी जाने के लिए रही मारामारी
टैक्सी संचालकों की हड़ताल के चलते मसूरी जाने के लिए यात्रियों के बीच दूसरे दिन भी मारामारी रही। टैक्सियों का संचालन नहीं होने से यात्रियों को बसों का सहारा लेना पड़ा। यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए परिवहन निगम की अतिरिक्त बसों को सड़कों पर उतारना पड़ा।
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