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डॉ. पंत बने दून अस्पताल के एमएस

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डॉ. पंत बने दून अस्पताल के एमएस
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
शासन ने दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक पद से डॉ. केके टम्टा को हटा दिया है। डॉ. टम्टा की जगह दून मेडिकल कॉलेज में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. केसी पंत को चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) बनाया गया है।
दून मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा के बीच गतिरोध बना हुआ था। इसके चलते स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही थीं। बीच में दून अस्पताल में मृत भाई को कंधे पर ढोने का मामला भी सामने आया था। इसमें शासन की काफी किरकिरी भी हुई थी। डॉ. टम्टा को चिकित्सा अधीक्षक पद से हटाए जाने के पीछे प्राचार्य के साथ गतिरोध और सरकार की हो रही किरकिरी को मुख्य वजह बताया जा रहा है। डॉ. पंत को चिकित्सा अधीक्षक पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त वेतन भत्ता देय नहीं होगा।
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नियुक्ति पर निवर्तमान एमएस ने उठाए सवाल
देहरादून। शासन की ओर से दून मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. केसी पंत को दून अस्पताल का मेडिकल सुपरिंटेंडेंट बनाए जाने को लेकर निवर्तमान मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. केके टमटा ने सवाल उठाएं हैं। उनका कहना है कि डॉ. केसी पंत से उनकी कोई व्यक्तिगत रंजिश नहीं है, लेकिन मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के लिए जो अर्हताएं होनी चाहिए, उनको डॉ. पंत नहीं पूरी करते हैं। डॉ. टम्टा का यह भी कहना है कि मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के लिए 10 साल का प्रशासनिक अनुभव होना चाहिए, जो डॉ. केसी पंत के पास नहीं है।
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नवनियुक्त मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने गिनाई प्राथमिकताएं
देहरादून। दूसरी ओर नवनियुक्त मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर केसी पंत ने अपनी प्राथमिकताएं गिनायी हैं। उनका कहना है कि दून अस्पताल में भर्ती मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधाएं मुहैया कराना उनकी पहली प्राथमिकता है। इसके साथ ही दून अस्पताल की गरिमा के अनुरूप अस्पताल में भर्ती मरीजों या ओपीडी में आने वाले मरीजों और तीमारदारों को बेहतर सुविधाएं मिले, इसके लिए भी कदम उठाए जाएंगे। डॉ. पंत का यह यह भी कहना है कि जिस भी मरीज या तीमारदार को इलाज में किसी भी प्रकार की दिक्कत होती है तो वह उनसे सीधे संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकता है। डॉ. पंत ने कहा कि मेडिकल कॉलेज और दून अस्पताल के बीच बेहतर समन्वय बनाकर मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। संसाधनों के सवाल पर कहा कि अस्पताल में जो भी संसाधन कम हैं, उसके संबंध में शासन व स्वास्थ्य निदेशालय से अनुरोध किया जाएगा ताकि संसाधन मुहैया कराए जा सकें।
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