ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
उत्तरांचल विश्वविद्यालय में शनिवार को सेंटर फॉर इनोवेशन इंक्यूवेशन तथा इंटरप्रिन्योरशिप की ओर से फिक्की व एफ.एलओ उत्तराखंड के सहयोग से इंटरप्रिन्योरशिप एवं स्टार्टअप पर पैनल डिस्कशन हुआ। जिसमें वक्ताओं ने स्टार्टअप के लिए वित्तीय योजना समेत अन्य मुद्दों पर अपने विचार रखे।
शनिवार को कार्यक्रम का शुभारंभ विवि के चांसलर जितेंद्र जोशी, वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) एनके जोशी, सेंटर की चेयरपर्सन डॉ. वंदना जोशी, फिक्की के अन्य सदस्यों ने दीप जलाकर किया। वाइस चांसलर प्रो. जोशी ने बताया कि 10 सर्वोत्तम बिजनेस प्लानों को 50-50 हजार की वित्तीय सहायता विवि देगा। फिक्की एफ.एलओ उत्तराखंड की चेयरपर्सन शिल्पी अरोड़ा ने ब्रांडिंग को लेकर अपने अनुभव साझा किए। कहा कि व्यवसाय को लेकर रुचि और जुनून का होना बेहद जरूरी है। स्टार्टअप विशेषज्ञ हर्षित मेहता ने स्टार्टअप के इको सिस्टम के बारे में जानकारी दी। पैनलिस्ट पूजा अग्रवाल ने स्टार्टअप के लिए वित्तीय योजना के बारे में बताया। सारिका पंछी, अनुपमा खन्ना, कोमल बत्रा ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर नव निर्मित इंक्यूवेशन सेंटर का भी उद्घाटन किया गया। सेंटर में 18 ऑफिस हैं, जो चयनित स्टार्टअप कंपनियों को दिए जाएंगे। इस दौरान हर्षित मेहता द्वारा चुने गए पांच आइडियाज को इंक्यूवेटर के लिए दो-दो लाख की वित्तीय सहायता तथा भविष्य की जरूरतों के लिए 10 लाख तक की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। इस दौरान विभिन्न कॉलेजों के डीन, प्रिंसिपल, विभागाध्यक्ष, फैकल्टी मेंबर आदि मौजूद रहे।