अनोखी दौड़ : न कोई हारा और न ही कोई जीता
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
कैंसर से बचाव के प्रति जागरुकता के लिए द दून स्कूल में 35 स्कूलों के बच्चों ने दौड़ लगाई। मौका था इंडो कैनेडियन रिसर्च फाउंडेशन की ओर से 9वीं मैराथन ऑफ होप टैरी फॉक्स रन का। इसमें 40 विशेष आवश्यकता वाले बच्चे भी शामिल हुए। दौड़ में कोई हार-जीत तो नहीं हुई लेकिन सभी बच्चों ने कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की रोकथाम के लिए जागरूकता की अलख जगाई।
रविवार की सुबह विश्व प्रसिद्ध द दून स्कूल से टैरी फॉक्स रन की शुरुआत हुई। स्कूल के पवेलियन में विभिन्न स्कूलों के बच्चे एकत्र हुए। यहां उन्हें मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो साइंसेज के निदेशक डॉ. एके सिंह और स्कूल के हेडमास्टर मैथ्यू रैग्गेट ने झंडी दिखाकर रवाना किया। चार किमी दौड़ स्कूल के हेडमास्टर गेट से शुरू होकर कैंब्रियन हॉल आरआईएमसी व गढ़ी कैंट स्थित शहीद दुर्गा मल्ल पार्क होते हुए वापस स्कूल में पूरी हुई।
दौड़ में एक-दूसरे से आगे निकलने का उत्साह तो नजर आया लेकिन मकसद केवल कैंसर के प्रति जागरूकता थी। कोई भी छात्र-छात्रा न तो हारा और न ही जीता। दौड़ में द दून स्कूल, संत कबीर एकेडमी, इकोल ग्लोबल स्कूल, होपटाउन स्कूल, कासीगा स्कूल, हिमज्योति स्कूल, आरआईएमसी स्कूल, वेल्हम ब्वॉयज स्कूल, यूनिसन वर्ल्ड स्कूल, वेल्हम गर्ल्स स्कूल, द एशियन स्कूल, ओलंपस हाईस्कूल सहित 35 स्कूलों के बच्चों, इको टास्क फोर्स के जवानों ने हिस्सा लिया। इस दौरान दून स्कूल के पूर्व छात्र आर्यन भट्टाचार्य आकर्षण का केंद्र रहे।
इस मौके पर इंडो कैनेडियन फाउंडेशन के अध्यक्ष गुरमीत सिंह, मैक्स अस्पताल के वरिष्ठ ओंकोलॉजिस्ट डॉ. विमल पंडिता ने भी विचार व्यक्त किए। दून स्कूल के डायरेक्टर पब्लिक रिलेशन पीयूष मालवीय भी मौजूद रहे।