आजाद के विचारों से युवाओं को कराएंगे अवगत
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
नौजवान भारत सभा और स्त्री मुक्ति लीग ने चंद्रशेखर आजाद की शहादत दिवस पर ‘भारतीय मेहनतकश जनता के क्रांतिकारी चेतना के प्रतीक चंद्रशेखर आजाद और आज का समय’ विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की। वक्ताओं ने कहा कि क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के विचारों और आदर्शों को नौजवानों तक ले जाना जरूरी हो गया है। गोष्ठी के बाद स्मृति संकल्प यात्रा शुरू की गई। यात्रा 23 मार्च भगत सिंह, राजगरु और सुखदेव के शहादत दिवस तक उत्तराखंड का दौरा करेगी।
दर्शन लाल चौक स्थित पंचायत हॉल में आयोजित विचार गोष्ठी में नौजवान भारत सभा से जुड़े अपूर्व ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद का पूरा जीवन क्रांतिकारी संघर्षों को समर्पित रहा। परिवार में गरीबी और तंगहाली होने के बावजूद उन्होंने क्रांतिकारी जीवन जीने का लक्ष्य चुना। काकोरी कांड के बाद बिखरे हुए क्रांतिकारियों को ग्रुप बनाकर उन्होंने ही जोड़ा। अपने व्यवहार कुशलता, साहस, निर्भीकता से क्रांतिकारी संगठन के कमांडर बने।
स्त्री मुक्ति लीग की संयोजिका गीतिका ने कहा कि पूंजीवादी दौर में युवा वर्ग खाओ, पीओ और ऐश करो की संस्कृति को अपना रहा है। भू-मंडलीकरण की नीतियां लोगों को स्वार्थी और अवसरवादी बना रही हैं। गीतिका ने कहा कि चंद्रशेखर के आदर्शों को समाज में स्थापित करने की जरूरत है। गोष्ठी में हेम भट्ट, रामाधार, कविता, फेबियन ने भी विचार व्यक्त किए। गोष्ठी के बाद स्मृति संकल्प यात्रा रवाना की गई। यात्रा उत्तराखंड के विभिन्न जिलों, शहरों, कस्बों में क्रांतिकारियों के विचारों, आदर्शों और सपनों को विचार गोष्ठियों, नुक्कड़ सभाओं, नाटकों, पोस्टर, पुस्तक प्रदर्शनियों के माध्यम से लोगों को बताएगी।