ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
राजाजी टाइगर रिजर्व में वर्ष 2013 में दो हाथियों की रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। मामले में वन विभाग की ओर से मोतीचूर रेंज में 13 जनवरी 2013 को चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन चालक को न तो गिरफ्तार किया गया न ही इसके आगे कोई कार्रवाई हुई। वन्य जीव प्रतिपालक प्रदीप कुमार का कहना है कि रेल चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद सरकार की ओर से मामले में कार्रवाई के लिए महाधिवक्ता, उत्तराखंड से इस मसले पर सुझाव लेने के लिए कहा गया, लेकिन तत्कालीन महाधिवक्ता की ओर से कहा गया कि हादसा रेलवे की लापरवाही से हुआ है। रेलवे चाहे तो इस मसले पर विभागीय कार्रवाई करे, लेकिन इसके बाद से इस प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रकरण आज भी लंबित है।
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यह सब जानते हैं कि राजाजी टाइगर रिजर्व वन्य जीव बाहुल्य क्षेत्र है। इसके बावजूद क्षेत्र से गुजरती ट्रेन की गति यदि कम नहीं होती है और वन्य जीवों की सुरक्षा के अन्य उपाय नहीं किए जाते हैं तो यह अपराध है। मामले में रेलवे और वन विभाग दोनों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वन विभाग भी कई बार इस तरह के हादसों के बाद पेट्रोलिंग के नाम पर महज खानापूर्ति करता है।
-गौरी मौलखी, सलाहकार केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी