ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून।
शासन के आदेशों को जिला आपूर्ति विभाग में दरकिनार किया जा रहा है। शासन के अवैध रिफलिंग पर लगाम कसने के निर्देश पर आपूर्ति विभाग ने डेढ़ माह पहले शहर में 17 अवैध रिफलिंग के अड्डे चिह्नित तो कर लिए, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अधिकारी दफ्तर से बाहर नहीं निकले। अवैध रिफलिंग करने वालों पर कार्रवाई न करने और उनसे साठगांठ के आरोप लगने पर विभाग ने उन्हें एक सप्ताह का और अभयदान दे दिया है। विभाग के इस अभयदान पर लोगों ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
शहर में कई जगह अवैध रिफलिंग का काला कारोबार किसी से छुपा नहीं है। इसके बाद भी प्रशासन, आपूर्ति विभाग और पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की जाती। लोगों की शिकायतें शासन तक पहुंचने पर डेढ़ माह पहले ही आपूर्ति विभाग को ऐसे इलाके चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, जहां पर अवैध रिफलिंग की जाती है। विभाग ने 17 अवैध रिफलिंग के अड्डे शहर में चिन्हित किए। कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति के लिए कुछ दिन पहले प्रेमनगर क्षेत्र में छापा मारकर चार घरेलू सिलेंडर बरामद किए, लेकिन यहां हंगामा हो गया। इसके अलावा विभाग ने अभी तक कहीं कार्रवाई नहीं की। शहर निवासी सुमित, कविता, सुशीला, लक्ष्मी आदि का आरोप है कि गैस कम आने और अवैध रिफलिंग की उन्होंने कई बार एजेंसी और विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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कोट::
शहर में 17 अवैध रिफलिंग सेंटर चिन्हित किए हैं। विभाग ने उन्हें एक सप्ताह में अवैध रिफलिंग का काम बंद करने की चेतावनी दी है। यदि इसके बाद भी उन्होंने यह काम बंद नहीं किया, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विपिन कुमार, जिला आपूर्ति अधिकारी।