शिक्षा निदेशक के मुताबिक राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में सरकारी स्कूलों के उन बच्चों के लिए सीटें आरक्षित की जाएंगी। जिसने सरकारी स्कूल में कम से कम लगातार तीन साल पढ़ाई की हो। ऐसा नहीं होगा कि सरकारी स्कूल में एक या दो साल पढ़ने के बाद कोई छात्र इसके लिए दावा करने लगे। बच्चे को सरकारी स्कूलों में तीन साल अध्ययनरत होना जरूरी है।
सरकारी स्कूलों के छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सके, इसके लिए सीटें आरक्षित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। विद्यालय में इन स्कूलों के बच्चे टेस्ट के आधार पर ही दाखिला पा सकेंगे।
- आरके कुंवर, शिक्षा निदेशक