देहरादून में पिछले एक साल में खाद्य पदार्थ पनीर, मावा, घी, मसाले आदि के 60 सैंपल फेल पाए गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक 341 सैंपल जांच के लिए रुद्रपुर लैब भेजे गए थे।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी पीसी जोशी ने बताया कि उत्तराखंड में सिर्फ एक लैब रुद्रपुर में है। जहां पर खाद्य पदार्थों की जांच की जाती है। यहां पूरे प्रदेश से खाद्य पदार्थों के सैंपल जाते हैं। इससे नमूनों की जांच में भी देरी हाेती है। इसके अलावा दुकानों पर जांच करते समय अगर कोई खाद्य पदार्थ खराब लगता है तो उसे नष्ट करवा दिया जाता है।
वहीं, अगर किसी खाद्य पदार्थ पर शक होता है तो उसका सैंपल लेकर के लैब में भिजवा दिया जाता है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाती है।
रिपोर्ट आने तक बिकता रहता है माल
जांच के समय जो खाद्य पदार्थ खराब लगते हैं, उनके सैंपल रुद्रपुर लैब भेजे जाते हैं, लेकिन लैब से रिपोर्ट आने में लंबा समय लगता है। कई बार इसमें महीनों भी लग जाते हैं। तब तक दुकानों पर माल बिकता रहता है।
अभियान चलाकर हो रही जांच
पीसी जोशी ने बताया कि चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। दुकानों का औचक निरीक्षण कर जांच की जा रही है। दून में पिछले दो दिन में खाद्य सुरक्षा विभाग साढ़े पांच क्विंटल खराब पनीर नष्ट करावा चुका है। वहीं, करीब नौ सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।