फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विवेकानंद के जीवन आदर्शों को आत्मसात करें युवा

विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
विज्ञापन

स्वामी विवेकानंद की 156वीं जयंती के अवसर पर भारतीय जनजाति सूचना विद्या संस्थान की ओर से कार्यक्रम का आयोजन होटल मधुबन में किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता वनवासी कल्याण आश्रम के अखिल भारतीय संगठन मंत्री अतुल जोग ने ‘जनजाति समाज के समक्ष चुनौतियां एवं सेवा मार्ग’ पर प्रेरक व्याख्यान दिया। अतुल जोग ने कहा कि देश में जनजातियों को मुख्यधारा में शामिल किया जा सके इसके लिए सरकारों के साथ ही स्वयंसेवी संस्थाओं व आमजन को आगे आना होगा। देश की सीमाओं को सुरक्षित बनाने में जनजाति समाज की अहम भूमिका है। संस्था की ओर से केंद्र सरकार को जनजातियों के विकास को लेकर नीति बनाने संबंधी एक प्रस्ताव सौंपा गया है।
विज्ञापन

श्री रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी आसीमात्मानंद ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने विश्व धर्म सम्मेलन में जो ऐतिहासिक भाषण दिया उससे युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। स्वामी विवेकानंद का मानना था कि जाति, धर्म का विभेद नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने नारी जागरण का संदेश पूरी दुनिया को दिया।
विज्ञापन

पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. तरुण विजय ने कहा कि यदि देश की सीमाओं की रक्षा करनी है तो जनजातियों को बचाने के साथ ही उनके उत्थान के लिए कई कदम उठाने होंगे। जनजाति से जुड़े लोगों को अपना बनाने की जरूरत है। प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने कहा कि युवा स्वामी विवेकानंद को अध्ययन करें और उनके बताए रास्तों पर चलकर जीवन को सार्थक बनाएं। अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने चरित्र निर्माण का संदेश दिया था। यदि चरित्र निर्माण सही है तो जीवन में बहुत सी चीजें स्वत: मिल जाती हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक जीएस मर्तोलिया ने की। कार्यक्रम को राकेश मैंदोला, मनोज सिन्हा समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें