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बर्बाद हुई सेब की फसल का समुचित मुआवजा नहीं मिलने पर सीएम दरबार पहुंचे किसान

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नौगांव(उत्तरकाशी)। बीते मौसम से बर्बाद हुई सेब की फसल का उचित मुआवजा नहीं मिलने से गुस्साए रवाईं घाटी के काश्तकारों ने देहरादून में मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री से मुलाकात कर रोष जताया। उन्होंने फसल बीमा की आड़ में किसानों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए बीमा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने इस संबंध में डीएम को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
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रवांई घाटी के करीब तीन सौ काश्तकारों ने बीते साल सरकार की ओर से अधिकृत एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी से सेब की फसल का बीमा कराया था। बीते वर्ष खराब मौसम के कारण प्रभावित हुई सेब की फसल के लिए काश्तकारों ने बीमा कंपनी से मुआवजे की मांग की थी, लेकिन कंपनी ने केवल दस-पंद्रह प्रतिशत फसल का क्षतिपूर्ति भुगतान कर इतिश्री कर ली। इस पर नाराजगी जताते हुए काश्तकारों ने इस साल क्षेत्र में बीमा करने पहुंची कंपनी को बैरंग लौटा दिया। शुक्रवार को किसान मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से मिलने देहरादून पहुंचे। किसानों ने बताया कि बीमा कंपनी की ओर से मौसम की जानकारी के लिए लगाए गए अधिकांश यंत्र खराब पड़े हैं। कंपनी के कर्मचारी बीमित क्षेत्रों का निरीक्षण तक नहीं करते हैं। बीमा कंपनी मनमाने ढंग से क्षतिपूर्ति के आंकड़े तैयार कर मात्र दस से पंद्रह प्रतिशत फसल का मुआवजा दे रही है, जबकि क्षेत्र में करीब 90 प्रतिशत सेब की फसल बर्बाद हुई। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को इस मामले की पड़ताल कर न्यायोचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने इस संबंध में डीएम को पड़ताल कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम डोभाल, नगर पंचायत अध्यक्ष शशि मोहन राणा, रवाईं घाटी फल एवं सब्जी उत्पादक एसोसिएशन के अध्यक्ष जगमोहन चंद, पूर्व प्रधान जगेंद्र राणा आदि मौजूद रहे।
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