ब्यूरो/अमर उजाला, लक्सर/मंगलौर
निकाय चुनाव में करारी हार के बाद बसपा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लक्सर और मंगलौर के प्रत्याशियों, हरिद्वार लोकसभा प्रभारी एवं पूर्व प्रदेश सचिव को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। प्रदेेश अध्यक्ष की ओर से जारी पत्र में सभी पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने का आरोप लगाया गया है। इस कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
निकाय चुनाव में बसपा जिले में एक भी सीट नहीं जीत पाई। करारी हार के बाद से ही पार्टी में कुछ लोगों को बाहर करने की चर्चा चल रही थी। बृहस्पतिवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप बालियान ने हरिद्वार लोकसभा प्रभारी सुभाष चौधरी, लक्सर से बसपा प्रत्याशी रहे अरुण सिंह को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। सुभाष चौधरी ने बसपा से टिकट मांग रहे कई दावेदारों को दरकिनार कर अरुण सिंह को टिकट दिलाया था। सुभाष चौधरी हरिद्वार लोकसभा से बसपा के सबसे बड़े दावेदार भी माने जा रहे थे। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने बसपा से चुनाव लड़ा था और बेहतर प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया था। उधर, निकाय चुनाव में मंगलौर से बसपा प्रत्याशी रहे जुल्फिकार अंसारी और पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव मोहम्मद यूनुस को भी प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी से बाहर कर दिया है। बता दें कि पूर्व विधायक सरवत करीम अंसारी के करीबी दिलशाद को टिकट न देकर बसपा ने पूर्व पालिकाध्यक्ष मरहूम अख्तर अंसारी के बेटे जुल्फिकार अंसारी पर दांव खेला था, लेकिन जुल्फिकार अंसारी 200 वोट भी नहीं हासिल कर पाए। इसके विपरीत बसपा से टिकट के प्रबल दावेदार रहे दिलशाद ने निर्दलीय जीत हासिल की। बता दें कि दिलशाद को पूर्व विधायक सरवत करीम अंसारी ने मैदान में उतारा था। बसपा के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ अपना प्रत्याशी उतारने पर पूर्व विधायक सरवत करीम अंसारी को बसपा ने पार्टी से पहले ही निकाल दिया था। जुल्फिकार अंसारी का कहना है कि एक षड्यंत्र के तहत उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है वह पार्टी के सच्चे सिपाही है। बताते चलें कि पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में बसपा प्रत्याशी रहे जुल्फिकार अंसारी की सगी भाभी रहमानी भी निर्दलीय मैदान में थीं।