ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। दिवाली के बाद शहर में सुबह नौ बजे तक स्मॉग की चादर फैली रही। इससे सुबह दृश्यता कम होने से वाहनों की गति धीमी रही। चालकों को लाइटें जलाकर चलना पड़ा। इस दौरान लोगों को आंखों में जलन के साथ ही सांस लेने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बृहस्पतिवार सुबह स्मॉग का असर ज्यादा रहा। सुबह टहलने निकलने वाले लोगों ने आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी की बात कही। मौसम विज्ञानी के मुताबिक मौसम में नमी अधिक होने की वजह से सुबह कोहरा और स्मॉग का असर ज्यादा रहा। स्मॉग-धुंध, कोहरे और धुएं का मिश्रण है। यह कोहरे और धुंध से 10 गुना ज्यादा खतरनाक होता है। इससे हर वर्ग के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि इससे बचाव के लिए लोगों ने मास्क और चश्मे आदि का प्रयोग किया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तेज हवा चलने से स्मॉग से छुटकारा मिल सकता है। मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि बारिश होने से स्मॉग की चादर हट सकती है। फिलहाल बारिश की संभावना कम है और अब लगातार तापमान में गिरावट और ठंड बढ़ने के आसार बन रहे हैं।
स्मॉग से यह परेशानी
>> आंखों में जलन, सूजन और पलकों में इंफेक्शन होना।
>> स्किन एलर्जी, जलन और खुजली जैसी शिकायत आदि।
>> हाई बीपी, हृदय रोगियों के साथ दमे के रोगियों को भी होती है परेशानी।
स्मॉग की चादर छंटने में समय लग सकता है। बारिश या तेज हवा चलने से इसका प्रभाव कम होगा। ऐसे में लोगों को चश्मा और मास्क लगाकर निकलना चाहिए। - डॉ. केसी पंत, वरिष्ठ फिजिशियन