फर्जी निवास प्रमाणपत्र मामला बना ‘पेंडुलम’
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। एडीएम का फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर कर जारी किए गए स्थायी निवास प्रमाणपत्र प्रकरण में मामले की स्थिति पेंडुलम जैसी हो गई है। एडीएम का कहना है कि शिकायती पत्र डीएम को भेजा गया है और उन्होंने एसएसपी को संदर्भित कर दिया है। पुलिस ही इसमें कार्रवाई करेगी। वहीं एसएसपी का कहना है कि उनके संज्ञान में इस तरह का कोई मामला है ही नहीं।
गौरतलब है कि एडीएम (प्रशासन) अरविंद कुमार पांडेय के कार्यालय में यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था। शुक्रवार को विकासनगर निवासी युवक रोहित अपने स्थायी निवास प्रमाणपत्र की पुष्टि करने के लिए एडीएम कार्यालय पहुंचा था। इस दौरान की गई जांच में उस पर किए गए डिजिटल हस्ताक्षर फर्जी पाए गए थे, जिसमें एडीएम को एसडीएम विकासनगर दर्शाकर उनके डिजिटल हस्ताक्षर किए गए थे। यह प्रमाणपत्र वहां के जनाधार केेंद्र से जारी किया गया था।
एडीएम ने अफसरों का नाम और पद का दुरुपयोग कर रहे जनाधार केंद्रों की जांच करवाने और कार्रवाई का आग्रह करते हुए डीएम कार्यालय को पत्र भेजा था। तब दावा किया गया था कि शिकायती पत्र के आधार पर जांच एसएसपी कार्यालय को भेज दी गई है। शनिवार को इस बारे में एसएसपी निवेदिता कुकरेती से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है।
वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फर्जी तरीके से इस तरह के प्रमाणपत्र जारी किए जाने के ओर भी मामले हो सकते हैं। यदि निष्पक्षता से जांच की जाए तो बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हो सकता है।