ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
एमबीबीएस, बीडीएस दाखिलों की कॉमन राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट 2017) में 720 में से 200 अंकों तक हासिल करने वाले छात्रों को एमबीबीएस की सीट मिलने की संभावना है। गत वर्षों का ट्रेंड देखें तो स्थिति साफ हो जाती है। सूबे में गत वर्ष नीट के 141 अंकों पर भी एमबीबीएस की सीट आवंटित हुई थी। इस बार भी विशेषज्ञ इसी स्कोर के आसपास सीट आवंटित होने की उम्मीद जता रहे हैं। हालांकि कम स्कोर पर मैनेजमेंट कोटे की सीट पर दाखिला मिलता है।
गत वर्ष उत्तराखंड में हुई नीट यूजी काउंसिलिंग के पहले चरण में नीट के 434 अंकों और 57,432 ऑल इंडिया रैंक पर अंतिम एमबीबीएस की सीट आवंटित हुई थी। सामान्य महिला वर्ग में नीट के 439 अंकों और 54,638 रैंक पर एमबीबीएस की सीट मिली थी। ओबीसी ओपेन वर्ग में 398 अंक और 80879 रैंक पर और ओबीसी महिला वर्ग में 405 अंक और 76,370 रैंक पर एमबीबीएस की सीट आवंटित हुई थी। एससी ओपेन वर्ग में 241 अंक और 2,59,179 रैंक और एससी महिला में 253 अंक व 2,39,999 रैंक पर एमबीबीएस की अंतिम सीट आवंटित हुई थी। एसटी ओपेन वर्ग में 313 अंक व 1,59,109 रैंक और एसटी महिला वर्ग में 321 अंक व 1,50,018 रैंक पर एमबीबीएस की सीट आवंटित हुई थी।
दूसरे चरण में अंक और रैंक का क्राइटेरिया और नीचे चला गया था। पांच सितंबर 2017 को जारी हुई मॉपअप राउंड की काउंसिलिंग में रैंक व अंक और नीचे चले गए। यहां एससी महिला वर्ग में एमबीबीएस की सीट 141 अंक व 5,04,652 रैंक पर अलॉट हुई। एससी ओपेन वर्ग में नीट के 200 अंक व 3,38,651 रैंक पर सीट बीडीएस से एमबीबीएस में अपग्रेड हुई थी। ओबीसी में भी 309 अंकों और ओबीसी महिला वर्ग में 355 अंकों पर अंतिम एमबीबीएस की सीट आवंटित हुई थी। सामान्य वर्ग में नीट के 360 अंकों पर अंतिम सीट आवंटित हुई थी। इस साल भी नीट के इतने अंकों पर सीट अलॉट होने की पूरी संभावना है। नीट के विशेषज्ञ एवं अविरल क्लासेज के निदेशक डीके मिश्रा के मुताबिक, नीट में जो छात्र 300 से ऊपर स्कोर करेगा, उसके लिए सरकारी नहीं तो प्राइवेट एमबीबीएस सीट पर अलॉटमेंट आसान है। उनका कहना है कि 400 के आसपास स्कोर करने वाले अभ्यर्थियों को आसानी से सरकारी कोटे की सीट पर एडमिशन मिल जाएगा।