सुरक्षा के लिए सड़क पर रहें अनुशासित : डीजीपी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून
पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने सोमवार को पुलिस लाइन में 29वें सड़क सुरक्षा सप्ताह का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बच्चों और युवा पीढ़ी को जागरूक व अनुशासित किए बगैर सुरक्षित समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है। सड़क सुरक्षा भी इसी का एक अंग है। उन्होंने वहां मौजूद हजारों छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा के अन्य पहलुओं की जानकारी दी। सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान 29 अप्रैल तक शहर में विभिन्न स्थानों पर जागरुकता अभियान चलाया जाएगा।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि देश में हर साल करीब डेढ़ लाख लोग सड़क दुर्घटना में जान गंवाते हैं। इनमें से उत्तराखंड में ही करीब 1000 लोग हर साल जान गंवाते हैं। ये सब दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों को बिना हेलमेट चलाना, गाड़ी में सीट बेल्ट न पहनना समेत कई अन्य नियमों की अनदेखी से होती हैं। इसके लिए जरूरी है कि ज्यादा से ज्यादा लोग सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और सुरक्षित चलने को तरजीह दें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए युवा पीढ़ी को अनुशासित होना होगा। साथ ही सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक होगा।
कार्यक्रम में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने भी बच्चों को यातायात नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि यदि सभी दोपहिया वाहन चालक हेलमेट पहनने लगाएं तो सड़क दुर्घटनाओं में 25 प्रतिशत की कमी आ सकती है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने लोगों को सड़क सुरक्षा के लिए नियमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अकेले देहरादून जनपद में ही हर साल करीब 150 लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे खुद जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिजनों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
कार्यक्रम के अंत में पुलिस महानिदेशक ने सीपीयू और यातायात पुलिस की जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान यातायात पुलिस और सीपीयू कर्मी शहर के विभिन्न चौराहों पर लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगे। कार्यक्रम में यातायात निदेशक केवल खुराना, डीआईजी गढ़वाल रेंज पुष्पक ज्योति, पुलिस अधीक्षक नगर प्रदीप राय आदि अधिकारी मौजूद रहे।